Site icon Buziness Bytes Hindi

हाथरस केस: पीड़ित परिवार और वकील को मिली धमकियाँ, हाईकोर्ट ने माँगा जवाब


हाथरस केस: पीड़ित परिवार और वकील को मिली धमकियाँ, हाईकोर्ट ने माँगा जवाब

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश हाथरस गैंगरेप मामले में पीड़िता के परिवार और वकील को कोर्ट रूम में धमकाया गया. इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा है कि वो इस केस के ट्रायल को हाथरस से बाहर भेज सकती है. कोर्ट की टिप्पणी तब आई है जब पीड़िता के भाई ने इस एक हलफनामा दाखिल कर बताया था कि इस महीने सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार और उनके वकीलों को धमकियां मिली थीं और उनपर दबाव बनाया जा रहा था.

15 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने के आदेश
गौरतलब है कि पिछले साल यूपी के हाथरस में 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ गैंगरेप हुआ था, जहां ईलाज के बाद पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था. गांव के ही चार आरोपी हैं, जो अभी अलीगढ़ जेल में बंद है। बेंच ने हाथरस जिला जज और सेंट्रल सेक्टर के सीआरपीएफ महानिरीक्षक को निर्देश दिया है कि वे पूरे मामले की जांचकर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें.

पीड़िता के भाई ने दाखिल किया हलफनामा
हाईकोर्ट में दाखिल किए गए इस हलफनामे में पीड़िता के भाई ने बताया कि यह घटना हाथरस की स्पेशल कोर्ट में 5 मार्च की सुनवाई के दौरान की है. हाईकोर्ट के दो जजों की बेंच ने इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि वो इस संभावना पर विचार करेगी कि इस केस को उसी कोर्ट में रखना है या फिर कहीं और ट्रांसफर करना है. बेंच ने यह भी बताया कि सीबीआई भी इस केस को हाथरस से निकालकर राज्य में कहीं और ट्रांसफर करने को लेकर याचिका दाखिल कर सकती है.

कोर्ट रूम में दी धमकी
कोर्ट ने अपने आदेश में पीड़ित पक्ष की मुख्य कानूनी सलाहकार सीमा कुशवाहा को मिली धमकियों का जिक्र भी किया है. एफिडेविट में कहा गया है कि हाथरस जिला कोर्ट में इस मामले की सुनवाई कर रहे जज को तब सुनवाई स्थगित करनी पड़ी थी, जब तरुण हरि शर्मा नाम का एक वकील कोर्टरूम में घुस गया था और पीड़ित पक्ष की वकील के साथ उग्र होने की कोशिश की थी. वकील ने कुशवाहा पर चिल्ला-चिल्लाकर धमकियां दी थीं.

Exit mobile version