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Hate Speech वालों ने बड़े धर्मगुरु के खिलाफ उगली आग, की आपत्तिजनक टिप्पणी

Hate Speech

हरिद्वार- हेट स्पीच से चर्चाओं में आए शिव शक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरी ने एक बार फिर संतों के खिलाफ जहर उगलने का काम किया है. इस बार यति नरसिंहआनंद गिरि ने निरंजनी पीठाधीश्वर कैलाशानंद की तुलना एक कुत्ते से कर दी है. दरअसल निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद देवबंद के अरशद मदनी से मुलाकात के बाद यह यह टिप्पणी सामने आई है. नरसिंहानंद गिरी गुरुवार को हरिद्वार पहुंचे थे. जहां उन्होंने हरिद्वार के संतो को पत्र लिखकर हिंदू बचाओ मोर्चा बनाए जाने की गुहार लगाई. मोर्चा बनाने के अपने अभियान के बीच उन्होंने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर पर अभद्र टिप्पणी कर शांत पड़े माहौल में गर्मी लाने का काम कर दिया है.

“इससे तो अच्छे कुत्ते…….

हेट स्पीच प्रकरण के बाद चर्चाओं में आए यति नरसिंहानंद एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार उनकी कड़ी टिप्पणी सनातन धर्म के बड़े धर्मगुरु के खिलाफ आई है. यति ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद की देवबंद के अरशद मदनी से काली मंदिर में हुई मुलाकात के बाद उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कि यह हिंदू धर्म के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है की मदनी जैसे हिंदू विरोधी लोगों को अब हरिद्वार के मंदिरों में बुलाया जा रहा है. स्वामी यति ने कहा कि हालांकि मैं कुछ भी कैलाशानंद पर टिप्पणी नहीं करना चाहता. लेकिन मेरा अपना सिद्धांत है मेरे सिद्धांत के अनुसार यदि कोई हिंदू होकर अरशद मदनी जैसे व्यक्तियों का स्वागत करता है तो वह अपना कुल द्रोही और धर्म द्रोही है. उन्होंने कहा कि वहीं यदि कोई धर्माचार्य होकर अरशद मदनी जैसे व्यक्तियों का स्वागत करता है तो उस व्यक्ति से अच्छे तो कुत्ते हैं. जो वफादार तो होते हैं जो जिसका खाते हैं उसका साथ तो देते हैं. कोई भी धर्माचार्य अपने आप कमाकर नहीं खाता है. वह हिंदुओं से मिले दान के सहारे अपना जीवन यापन करता है. इस तरह की घटना यदि धर्मनगरी हरिद्वार में हो रही है तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हिंदुओं का भविष्य कितना खतरे में है

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मंदिर में मदनी ने भेंट की थी कुरान

दरअसल पिछले दिनों देवबंद के अरशद मदनी ने हरिद्वार पहुंचकर निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद से मुलाकात की थी. उनकी यह मुलाकात दक्षिणेश्वर काली मंदिर में हुई थी. जहां पर स्वामी कैलाशानंद ने मदनी को भगवा साल उड़ा कर सम्मानित किया था. जबकि मदनी ने आचार्य महामंडलेश्वर को हिंदी में अनुवाद की हुई कुरान भेंट की थी. जिसके बाद निरंजनी पीठाधीश्वर कई संतों के निशाने पर आ गए.

हरिद्वार में होगा “हिंदू बचाओ मोर्चा” का कार्यालय

हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर पत्रकारों से बात करते हुए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने बताया कि वह अब हरिद्वार में हिंदू बचाओ मोर्चा का कार्यालय बनाने का दावा किया. जिसमें नाही धरना प्रदर्शन व नाही किसी का विरोध किया जाएगा बल्कि हिंदुओं पर हुए जुल्म और अत्याचार का हर मामला अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया जाएगा. वहीं उन्होंने बताया कि उन्होंने हिंदू बचाओ मोर्चा के संरक्षण के लिए जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद और स्वामी रामदेव को पत्र लिखा है और उनसे मिलने का समय मांगा है.

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