श्रावण का महीना पूरी तरह से त्योहारों से भरा होता है और यह एक ऐसा महीना है जिसमे भगवान शिव की कृपया उनके भक्तो पर और अधिक बरसती है। श्रावण मास के त्योहारों में से एक हरियाली तीज भी आने को है जिसका महिलाओ के बीच एक अलग ही उत्साह है।
हरियाली तीज ( Hariyali Teej) भारत के एक अहम त्योहारों में से एक है जिससे हर साल श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। हरियाली तीज ( Hariyali Teej ) को श्रावणी तीज के नाम से भी जाना जाता हैं। ये व्रत महादेव और माँ पार्वती के मिलाप पर आधारित है और सुहागिनों के लिए ये अत्यंत पावन और फलदायी व्रत है।
इस साल हरियाली तीज (Hariyali Teej ) का पावन व्रत 11 अगस्त बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन औरते अपने पति के लिए माँ पार्वती और भगवान शिव से लम्बी उम्र का आशीर्वाद मांगती है एवं सोलह श्रृंगार करके इस व्रत की मान्यता को और बढाती है।
हरियाली तीज ( Hariyali Teej) का महत्त्व
हरियाली तीज ( Hariyali Teej) सुहागिन महिलाओ के लिए काफी महत्व रखता है क्योंकि वे इस दिन अपने सुहाग के लम्बी उम्र के लिए उपवास रखती है। यह व्रत बाकी अन्य व्रतों जैसे करवा चौथ से भी ज्यादा कठिन माना जाता है।
औरते इस दिन सोलह शृंगार से सज कर माँ पार्वती और शंकर भगवान की आराधना करती है एवं उनको श्रृंगार का भेट चढाती है। इस त्यौहार के एक अलग ही पूजन वृद्धि है जिसका पालन करना आवश्यक है। माँ पार्वती को भेट चढ़ाने के बाद हरियाली तीज की कथा सुनी जाती है और महिलाये पूजा करने के पश्चात अपनी जेठानी, सास और घर की बड़ी औरतो का आशीर्वाद लेती है।
इस व्रत को करने से महिलाये अपने गृहस्थ जीवन में सुख और समृद्धि को आमंत्रित करती है एवं भगवान से अपने पति की तरक्की के लिए आशीर्वाद मांगती है। इस व्रत के द्वारा सुहागिनों को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
क्या है हरियाली तीज 2021 ( Hariyali Teej 2021 ) का शुभ मुहूर्त
हरयाली तीज ( Hariyali Teej ) इस वर्ष बुधवार यानि ११ अगस्त को मनाई जाये गई। इस वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि मंगलवार, 10 अगस्त को शाम 06.11 मिनट से हरयाली तीज का शुभ मुहूर्त शुरू होगा और 11 अगस्त 2021, बुधवार को शाम 04.56 मिनट पर समाप्त होगा।
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धार्मिक विशेषज्ञो के अनुसार हरियाली तीज ( Hariyali Teej ) को करने के मुहूर्त निम्नलिखित है –
● अमृत काल- सुबह 01:52 से 03:26 तक
● ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:29 से17 तक
● विजय मुहूर्त- दोपहर 14 से 03.07 तक
● गोधूलि बेला- शाम 23 से 06.47 तक
● निशिता काल- रात 14 से 12 अगस्त सुबह 12:25 तक
● रवि योग- 12 अगस्त सुबह 09:32 से 05:30 तक

