हरिद्वार- विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish Rawat) एक बार फिर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की भारत जोड़ो हरिद्वार जिंदाबाद यात्रा उनके इस सीट से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को बल दे रहा है. हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में की जाने वाली इस यात्रा में हरीश रावत 22 नवंबर से 25 नवंबर तक इस यात्रा में हरीश रावत रहेंगे. उनके साथ 51 सहयात्री लगातार बदलते रहेंगे. उनकी इस यात्रा से राजनीतिक गलियारों में उनके हरिद्वार लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज हो चली हैं. इन्हीं चर्चाओं को कांग्रेस के हरिद्वार शहर और ग्रामीण शहर में बनाए गए नए जिला अध्यक्षों की ताजपोशी और भी बल देती हुई नजर आ रही है.
2024 के आम चुनाव में हरीश रावत हरिद्वार लोकसभा सीट (Haridwar Lok Sabha seat) से एक बार फिर अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के बीच हरीश रावत (Harish Rawat ) की “भारत जोड़ो- हरिद्वार जिंदाबाद” यात्रा को इसी तैयारी के मद्देनजर देखा जा रहा है. 22 नवंबर से 25 नवंबर तक चलने वाली इस यात्रा में हरीश रावत हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे. यात्रा के बहाने जहां कांग्रेस की एकजुटता दिखाने वाले पोस्टर को भी लांच किया गया. 4 दिन की इस यात्रा में हरीश रावत रुड़की के उदल खेड़ी गांव से यात्रा का प्रारंभ करेंगे. हरदा ने अपने भारत जोड़ो हरिद्वार जिंदाबाद यात्रा में हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों का टारगेट किया है.
रावत खेमे के जिला अध्यक्षों की तैनाती
हरिद्वार लोकसभा सीट (Haridwar Lok Sabha seat) से हरीश रावत (Harish Rawat ) के चुनाव लड़ने की संभावनाओं को उनके खेमे के जिला अध्यक्षों की तैनाती से मिल रहा है हाल ही में हरिद्वार शहर से सतपाल ब्रह्मचारी और हरिद्वार ग्रामीण से राजीव चौधरी को पार्टी की कमान सौंपी गई है सतपाल ब्रह्मचारी और राजीव चौधरी हरीश रावत खेमे के माने जाते हैं उनकी तैनाती हरीश रावत की आगामी जंग का एक तरह से ऐलान माना जा रहा है.

