–उत्तराखंड की हाईकोर्ट ने की सीएम रावत के फैसले की निंदा
–सीएम रावत ने दी थी बिना टेस्ट के ही कुंभ में आने की इजाजत
देहरादून। अब तक पूर्व सीएम के फैसलों को पलटते आये सीएम तीरथ सिंह रावत का फैसला उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पलट दिया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को आरटी-पीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट के बिना ही कुंभ मेले में आने की इजाजत दी थी। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए आदेश देकर कुंभ में आने वाले सभी लोगों को आरटी-पीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना जरूरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने सीएम तीरथ सिंह रावत के फैसले की निंदा भी की है।
उत्तराखंड की तीर्थ नगरी हरिद्वार में चल रहे कंुभ मेले में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु उतराखंड पहुुंच रहे हैं। यह श्रद्धालु हरिद्वार में गंगा स्नान करने के बाद उत्तराखंड का भ्रमण भी करते हैं। केंद्र सरकार की एक समिति की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना प्रभावित राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं से उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वहीं पूर्व त्रिवेंद सरकार के कुंभ मेला में कोविड गाइडलाइन का पालन करने और कुंभ मेला आयोजन को सीमित करने के फैसले को पलटते हुए सीएम तीरथ सिंह रावत ने कुंभ मेले का आयोजन भव्य और व्यापक रूप से करने की घोषणा की थी। सीएम तीरथ सिंह ने आरटी-पीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी थी। हालिया दिनों में उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा है और प्रतिदिन लगभग सौ नये कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। राज्य में कोरोना के करीब 1000 एक्टिव केस हैं जो स्वास्थ्य विभाग की चिंता बने हुए हैं।
कुंभ मेले को लेकर दायर की गयी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की आरटी-पीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य करते हुए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी कोविड-19 गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश उत्तराखंड सरकार को दिये हैं। हाईकोर्ट ने वैक्सीन लगवा चुके लोगों को छूट देने को कहा है। लेकिन बाकी लोगों का कोरोना टेस्ट कराना और उनकी रिपोर्ट नेगेटिव होना जरूरी होगा।

