नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले एक नाटकीय घटनाक्रम में हार्दिक पटेल ने कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका दिया है। गुजरात के इस पाटीदार नेता ने पार्टी से इस्तीफा देकर गुजरात की राजनीति को नया रंग दे दिया है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने अपने इस्तीफे की जानकारी ट्विटर हैंडल पर दी है। हार्दिक पटेल ने लिखा की आज मैं हिम्मत करके कांग्रेस पार्टी के पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ। मुझे विश्वास है कि मेरे इस निर्णय का स्वागत मेरा हर साथी और गुजरात की जनता करेगी। मैं मानता हूं कि मेरे इस कदम के बाद मैं भविष्य में गुजरात के लिए सच में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाऊँगा।”
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हार्दिक पटेल ने कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इस्तीफा सौंपा। उन्होंने लिखा कि अनेक प्रयासों के बाद कांग्रेस द्वारा देशहित एवं समाज हित के विपरीत कार्य करने के कारण मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने लिखा, देश के युवा एक सक्षम और मजबूत नेतृत्व चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस सिर्फ विरोध की राजनीति तक सीमित है। जबकि, देश के लोगों को विरोध नहीं, ऐसा विकल्प चाहिए जो भविष्य के बारे में सोचे
अपने इस्तीफे में पाटीदार नेता ने लिखा कि अयोध्या में राम मंदिर हो, सीएए-एनआरसी का मुद्दा हो, कश्मीर में अनुच्छेद 370 हो, जीएसटी लागू करने का निर्णय। देश लंबे समय से इन समस्याओं का समाधान चाहता था। जबकि कांग्रेस पार्टी सिर्फ इसमें एक बाधा बनने का काम करती रही। हार्दिक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में गंभीरता की कमी है। मैं जब भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिला तो लगा उनका ध्यान गुजरात के लोगों से अधिक मोबाइल और बाकी चीजों पर रहा। जब संकट था हमारे नेता विदेश में थे। उन्होंने कहा, हमारे कार्यकर्ता अपने खर्च पर जनता के बीच जाते हैं।जबकि बड़े नेता जो दिल्ली से आते है। उनका ध्यान चिकन सैंडविच समय पर मिला या नहीं इस पर रहता है।
