टीम इंडिया की टी 20 टीम के कप्तान को हार से दिक्कत नहीं है लेकिन जब दो ओवरों में कोई गेंदबाज़ पांच नो बाल डाले तो उसे वो एक अपराध मानते हैं. सभी जानते हैं कि टी 20 क्रिकेट में एक नो बॉल कितनी मंहगी पड़ती है इसलिए जब पांच नो बाल हों तो 30 रन अतिरिक्त बनने का जोखिम होता है. कल टीम इंडिया के युवा और उभरते हुए तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह ने जब अपने दो ओवरों में पांच नो बाल कीं तो मैदान पर ही उनके चेहरे पर गुस्सा साफ़ नज़र आया. बता दें की अर्शदीप ने अपने दो ओवरों में 37 रन लुटाये थे.
अर्शदीप के लिए नो बॉल एक समस्या
बाद में मैच के बाद हार्दिक पंड्या ने अर्शदीप के बारे में बोलते हुए कहा कि वैसे तो किसी भी फॉर्मेट में नो बॉल नहीं करना चाहिए लेकिन टी 20 क्रिकेट में इसे एक क्राइम माना जाता है. हार्दिक ने आगे कहा कि अर्शदीप पहले से इस समस्या से जूझ रहे हैं, वो लगातार नो बॉल करते आ रहे हैं. भारतीय कप्तान ने कहा कि वो किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं लेकिन सभी जानते हैं कि टी 20 फॉर्मेट में नो बॉल कितनी मंहगी पड़ती है.
गेंदबाज़ों के प्रदर्शन से निराश
हार्दिक ने सूर्य कुमार से ऊपर राहुल त्रिपाठी को भेजने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि राहुल त्रिपाठी उस नंबर पर खुद को सहज महसूस करते हैं मैं भी राहुल त्रिपाठी को उसी जगह पर देखना चाहते हैं जहाँ पर वो खुद को सहज महसूस कर सकें। हार्दिक गेंदबाज़ों के प्रदर्शन से काफी निराश दिखे, उन्होंने कहा कि कोई एक दिन खराब हो सकता है लेकिन आप अपने बेसिक से नहीं हट सकते। कुछ गलतियां ऐसी हुई जो इस लेवल पर नहीं होनी चाहिए, यह गलतियां ऐसी थी जिन्हें हम कंट्रोल कर सकते थे. बता दें कि कल अक्षर पटेल की धुंआधार बल्लेबाज़ी के बावजूद टीम इंडिया को 16 रनों से पराजय मिली थी.
