नई दिल्ली। कैब बुकिंग कंपनी उबेर के कंप्यूटर नेटवर्क में बड़ी सेंधमारी हुई। 18 साल के हैकर ने उबेर के नेटवर्क की सुरक्षा भेदते हुए उसके कानून प्रवर्तन तक पहुंच बना गया। हालांकि यह पता नहीं चला है कि इससे उबर कितना प्रभावित हुआ लेकिन उबेर कंपनी को अपना आंतरिक संचार व इंजीनियरिंग सिस्टम पूरी तरह से बंद करना पड़ गया। माना जा रहा है कि इससे उबर का सिस्टम काफी प्रभावित हुआ और इससे कंपनी को भी करोडों की चपत लगी है। कंपनी के सूत्रों के मुताबिक साइबर सुरक्षा से जुड़े इस मामले की जांच जारी है। उबर प्रवक्ता सैम करी ने जानकारी दी कि हैकर ने एक कर्मचारी के वर्कप्लेस मैसेजिंग ऐप स्लैक का एक्सेस हासिल किया। इसके बाद उसने इसका इस्तेमाल करके उबर कर्मचारियों को मैसेज भेजा कि कंपनी डाटा ब्रीच का शिकार हो गई है। उन्होंने कहा, फिलहाल यूजरों का डाटा लीक होने की जानकारी सामने अभी नहीं आई है। सैम करी ने बताया कि कंपनी की प्रयोगशाला के इंजीनियर ने हैकर के साथ संचार किया। हैकर ने बताया कि वह 18 वर्ष का है और कई साल से साइबर सुरक्षा स्किल पर काम कर रहा है। उसने बताया कि उबर की सुरक्षा प्रणाली काफी कमजोर थी। इसी वजह से वह उसमें आसानी से सेंध लगा सका।
हैकर ने अमेजन और गूगल द्वारा होस्ट किए क्लाउड वातावरण तक पूरी पहुंच हासिल कर ली थी। यहां से उबर स्रोत कोड और ग्राहक डाटा का संग्रह करता है। उन्होंने उबर कर्मियों से बात की जिन्होंने कहा कि वे हैकर पहुंच को प्रतिबंधित करने के लिए सब कुछ बंद करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैन फ्रांसिस्को स्थित कंपनी का स्लैक इंटरनल मैसेजिंग नेटवर्क शामिल है। इस बात का कोई संकेत नहीं है कि हैकर ने कंपनी को कोई नुकसान पहुंचाया है या प्रचार से अधिक किसी चीज में दिलचस्पी दिखाई है। ऐसा लगता है कि वे जितना संभव हो सके उतना इस मामले पर ध्यान आकर्षित कराना चाहता था। 18 साल के इस हैकर ने दावा किया कि उसने उबर के सोर्स कोड, ईमेल और दूसरे आंतरिक सिस्टम का एक्सेस हासिल कर लिया। हैकर के पास उबर के पूरे सिस्टम का एक्सेस था। कर्मचारियों को हैकर का संदेश मिलने के बाद कंपनी ने पूरा सिस्टम ऑफलाइन कर दिया।
