आज ज्ञानव्यापी मस्जिद परिसर में सर्वे के अंतिम दिन शिवलिंग मिलने का दावा किया गया है जिसे अदालत ने एक तरह से स्वीकार कर उस स्थान की कड़ी सुरक्षा करने का आदेश भी जारी किया है वहीँ मुस्लिम पक्ष की ओर से अंजुमन इंतेज़ामिया मसाजिद सर्वे के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुँच गयी है जिसकी सुनवाई कल दोपहर एक बजे होना सुनिश्चित हुई है।
अब देखने वाली बात यह है कि शिवलिंग मिलने की बात सामने आने के बाद नया मोड़ ले चुके इस मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम का क्या रुख रहता है। मामले की सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ करेंगे। मुस्लिम पक्ष इस सर्वे आदेश को 1991 के प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट का उल्लंघन बता रहा है।
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मुस्लिम पक्ष ने इससे पहले भी मस्जिद परिसर के सर्वे के लिए स्थानीय अदालत के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत कोई भी आदेश देने से इंकार कर दिया था. उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि यह उनके लिए एक नया मामला है इसलिए पहले वह दस्तावेज़ देखेंगे हालाँकि उन्होंने मामले की सुनवाई की बात मान ली थी।
देखने वाली बात यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट ने कागज़ात देखने की जो बात कही थी तो वह पेपर उन्हें मिले हैं या नहीं, परिसर के सर्वे की रिपोर्ट अभी सबमिट नहीं हुई है। कोर्ट कमीशन ने कहा है कि अगर रिपोर्ट को फाइनल करने में देर लगी तो वह अदालत से थोड़ा समय और मांगेंगे। इन सब परिस्थितियों और शिवलिंग मिलने के दावे के नए मोड़ से सुप्रीम कोर्ट में कल की सुनवाई पर सभी की निगाहें रहेंगी।
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