वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद के कमीशन के दौरान वुजूख़ाने के तालाब में पाए गए गोलाकार पत्थर जिसे हिन्दू पक्ष शिवलिंग बता रहा है और मुस्लिम पक्ष फव्वारा, अब इसपर हिन्दू पक्ष के वकील ने आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले मीडिया को एक नई जानकारी दी है. एक विशेष चैनल से बात करते हुए हिन्दू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने बताया कि तालाब में मिले शिवलिंग के ऊपरी हिस्से में छेद और दरारों की जो दलील मुस्लिम पक्ष दे रहा है उसकी असली वजह क्या है?
हरिशंकर जैन ने कहा कि दरअसल पाए गए शिवलिंग में हीरे जड़े हुए थे जिसे मंदिर पर कब्ज़े के बाद जब निकाला गया उसकी वजह से ही यह दरारे आयी हैं. उन्होंने कहा कि फाउंटेन की बात तो लोगों को, अदालत को गुमराह करने के लिए की जा रही है.
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में आज तीन बजे ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई होने वाली है, इससे पहले शीर्ष अदालत ने वाराणसी की अदालत को इस मामले में किसी भी तरह आदेश देने के लिए मना कर दिया था, सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई 19 मई को होने वाली थी मगर हिन्दू पक्ष की ओर से अदालत से सुनवाई टालने की अर्ज़ी दाखिल की गयी थी क्योंकि उनके वकील को कुछ मेडिकल एमरजेंसी आ गयी थी.
वहीँ वाराणसी की अदालत में कल कमीशन की रिपोर्ट दाखिल की गयी मगर वह कुछ ही देर में मीडिया में वायरल हो गयी थी. उस उस वायरल रिपोर्ट के मुताबिक कमीशन के दौरान मस्जिद परिसर में हिन्दू धर्म से जुडी हुई बहुत सी निशानियां मिली हैं.

