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Guru Pradosh Vrat 2022: आठ सितंबर गुरुवार को प्रदोष व्रत,इन चीजों का भोग लगाने से शिव होंगे प्रसन्न

हिंदू पंचांग के मुताबिक प्रत्येक महीने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत किया जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार प्रदोष व्रत 08 सितम्बर, गुरुवार को पड़ रहा है। प्रदोष के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से भाग्योदय हो सकता है। यह ज्योतिष से जानें। 

प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शिव, पार्वती और नंदी को पंचामृत,गंगाजल से स्नान कराना चाहिद। इसके बाद बेल पत्र, चावल,गंध, धूप, फूल,नैवेद्य ;   दीप, फल,भोग,सुपारी, पान, लौंग और इलायची भगवान को चढ़ाएं। पूरे दिन निराहार संभव न हो तो एक समय फलाहार किया जा सकता है। शाम को फिर से इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें। भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिलाकर जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं और शिव की पूजा करें।

इसके बाद भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान शिव को प्रसाद चढ़ाएं और उसी से  व्रत भी खोले। प्रदोष के दिन दिन  ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं। ये उपाय करने से सूर्यदेव और भगवान शिवजी की कृपा बनी रहती है और भाग्योदय हो सकता है।

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