मेरठ। प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी आज मेरठ दौरे पर पहुंची। इस दौरान उन्होंने शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली। उसके बाद मीडिया के सवालों का जवाब दिया। प्रदेश में शिक्षक भर्ती चयन में अभ्यार्थियों के चयन को लेकर माध्यमिक शिक्षामंत्री गुलाब देवी ने कहा कि ये योगी की सरकार है। इसमें असमंजस नाम का कोई शब्द नहीं है। चयन बोर्ड के सदस्यों को लेकर योजना बनाई जा रही है। जिसमें बेसिक और माध्यमिक दोनों ही बोर्ड को एक करने पर विचार किया जा रहा है। जैसे ही योजना पूरी होगी।
भर्ती चयन प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के हित का पूरा ध्यान रख रही है। बच्चों की चिकित्सा और शिक्षा के हित को ध्यान में रखकर ही काम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पूरी तरह से बच्चों के हित काम कर रहे हैं। प्रदेश के मदरसों में पढाई के समय को लेकर हुए बदलाव के बारे में माध्यमिक शिक्षामंत्री गुलाब देवी ने कहा कि सरकार ने मदरसा को सुविधा को ध्यान में रखकर ही यह निर्णय लिया है। मदरसों में बदले समय सारणी केा लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं की नाराजगी को लेकर मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि व्यवस्था शासन के आधार पर चलती है। किसी की सुविधा के हिसाब से नहीं चलती। व्यवस्था में किसी का निजी हित नहीं चलता है।
मदरसे के बच्चों को ध्यान में रखकर ही उनकी सुविधा के अनुसार फैसला लिया गया है। मदरसा बच्चों को सभी संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। मुस्लिम धर्मगुरुओं का निजी हित नहीं चलेगा। मदरसों में बच्चों के हित से संबंधित सभी चीजे मदरसों में रखी गई है। प्रदेश में 75 साल पुराने राजकीय इंटर कालेजों के जर्जर भवनों के पुननिर्माण केा लेकर चल रही अलंकार योजना की धीमी गति के बारे में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि प्रदेश में जिन जिलों से रिपोर्ट प्राप्त हो रही है।
उस रिपोर्ट के आधार पर बजट जारी किया जा रहा है। बता दें कि मेरठ के कई सरकारी स्कूल 75 साल से पुराने हो चुके हैं। खुद मेरठ का राजकीय इंटर कालेज का भवन जर्जर हालात में है। इसके लिए जो सरकारी सुविधाएं हैं वो ही नहीं मिल पा रही। अलंकार योजना के तहत बन रहे स्कूलों में खराब गुणवत्ता और निर्माण कार्य की धीमी गति पर तेजी लाने के उन्होंने आदेश दिए हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग में मृतक आश्रित को ग्रेच्युटी लागू करने के मामले में पूछे गए सवाल पर शिक्षामंत्री गुलाब देवी ने कहा कि ये नीतिगत विषय है। इस पर जल्द ही फैसला होगा।
