गुजरात चुनाव अभियान के दौरान सरकार बनाने की ताल ठोंकने वाले अरविन्द केजरीवाल को चुनाव परिणामों ने जहाँ ज़ोर का झटका देते हुए ज़मीनी हकीकत से परिचित कराया है वहीँ उनके जीते हुए उम्मीदवारों की तरफ से भी अब उन्हें झटके मिलने लगे हैं. अभी तो गुजरात में लगभग 13 प्रतिशत वोट और पांच सीटों का आम आदमी पार्टी ठीक से जश्न भी नहीं मना पायी थी कि उनके विधायक ने ज़ोर का झटका धीरे से दिया और भाजपा का दामन थामने का एलान कर दिया, यानि अब AAP के पास चार विधायक बचे.
जनता से पूछकर जायेंगे भाजपा
AAP से जीतकर भाजपा में जाने का एलान करने वाले विधायक हैं जूनागढ़ जिले की विसावदर सीट से जीतने वाले भूपत भाई भयाणी। भूपत भाई ने प्रधानमंत्री मोदी को देश का बेटा बताते हुए उनमें गहरी आस्था जताई। आप विधायक ने कहा कि उनके मन में नरेंद्र भाई के लिए बहुत सम्मान है. उन्होंने बीजेपी में जाने की इच्छा जताते हुए कहा कि पहले मैं क्षेत्र की जनता से पूछूंगा, अगर उसने मना किया तो फिर नहीं बीजेपी में नहीं जाऊंगा, जनता से अनुमति मिलने के बाद ही भाजपा का दामन थामूंगा। भूपत भाई दरअसल असलियत में भाजपाई हैं जो चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे, इसलिए उनका घर वापसी की बातें करना कोई हैरानी वाली बात नहीं है, वहीँ एक अन्य विधायक के भी भाजपा में जाने की बातें हो रही हैं.
मन से भाजपाई हैं भूपत भाई
बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान अरविन्द केजरीवाल का कहना होता था कि कांग्रेस पार्टी को वोट देने से कोई फायदा नहीं क्योंकि उसके उम्मीदवार जीत भी गए तो वो टूटकर भाजपा में चले जायेंगे। अब आम आदमी पार्टी पर वही बातें लागू हो रही हैं, हालाँकि भूपत भाई अभी औपचारिक रूप से भाजपा में नहीं गए हैं लेकिन उन्होंने बता दिया है कि उनका मन कहाँ बस्ता है. वैसे लगता तो यही है कि भूपत भाई का AAP के साथ हनीमून पीरियड ख़त्म हो गया है. मगर यह पीरियड इतना छोटा होगा इसका केजरीवाल को भी यकीन नहीं हो रहा होगा।

