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Gujarat Election 2022: क्या रहेगी BJP की रणनीति?

पिछले दिनों हुए पांच राज्यों के चुनावों में चार में जीत का परचम फहराने वाली भारतीय जनता पार्टी के सामने अब गुजरात और हिमाचल बचाने की चुनौती है. विशेषकर गुजरात जहाँ भाजपा 27 वर्षों से एक छत्र राज करती आ रही है. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र की अस्मिता से भी गुजरात का सीधा जुड़ाव है, इसलिए संख्या के हिसाब से भले ही छोटा राज्य हो पर आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से इसे बहुत बड़ा राज्य माना जाता है. यही वजह है कि इस राज्य के चुनाव को सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जोड़कर देखा जाता है. 

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इस वर्ष के अंत में यहाँ विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं, कांग्रेस पार्टी पिछली बार मौका चूक गयी थी मगर उसकी भरपाई इसबार प्रशांत किशोर के ज़रिये करना चाहती है, वहीँ दिल्ली और पंजाब की आम आदमी पार्टी भी गुजरात को बड़ी गंभीरता से ले रही है. इन सबके बीच भाजपा की अपनी तैयारियां चल रही हैं, मंथन चल रहा है, रणनीति बन रही है. चूंकि मामला गुजरात का है इसलिए सारी चुनावी ज़िम्मेदारी भाजपा के चाणक्य अमित शाह के हाथों में है. उनके गुजरात दौरों की शुरुआत हो चुकी है. 

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जो ख़बरें निकल आ रही हैं उनके मुताबिक भाजपा का लक्ष्य एकबार फिर महिला वोटर ही हैं, यूपी चुनाव में महिला फैक्टर ने भाजपा की सत्ता वापसी में बड़ी भूमिका निभाई थी, इसलिए वहां भी यूपी वाला प्रयोग ही दोहराने की बातें हो रही हैं. गुजरात तो वैसे भी भाजपा का गढ़ है और प्रधानमंत्री चुनाव के समय हमेशा गुजरात की अस्मिता का सवाल उठाकर एक भावनात्मक कार्ड खेलते हैं, जो हमेशा सफल रहता है. दहाइयों से राज करने के बावजूद, एंटी इंकम्बेंसी के बावजूद एक गुजराती जब यह देखता है कि देश का प्रतिनिधित्व उसके राज्य का व्यक्ति कर रहा है तो सारे मुद्दे, सारी समस्याएं दरकिनार हो जाती हैं. फिलहाल तो गुजरात रामनवमी पर हुई हिंसा की आग में जल रहा, चुनाव में अभी समय है, धीरे धीरे चुनावी तपिश भी तेज़ होगी।

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