Gujarat Chunavi Dangal : गुजरात मे इस साल के अंत मे विधानसभा चुनाव होने है। वही सभी राजनीतिक दल अपने अपने प्रतिद्वंद्वी को मात देने के उद्देश्य से मैदान में उतर चुके हैं। वैसे तो गुजरात मे दो ही दल मुख्य भूमिका में रहते हैं। पहली भाजपा और दूसरी कांग्रेस। लेकिन इस बार गुजरात के सियासी समीकरण बदले बदले लग रहे हैं और जनता के मध्य आप की चर्चा जमकर हो रही है। वही अगर हम कांग्रेस की बात करे तो कांग्रेस को लेकर इस समय जनता के मन मे अनेको सवाल है।
Read Also : Gujarat Chunavi Dangal: मुफ्त बिजली योजना से क्या गुजरात मे चमकेगी झाड़ू या मिलेगी करारी हार
जनता अब जनना चाह रही है कि आखिर क्यों कांग्रेस टूटती जा रही है और वह अपने युवा नेताओ को संभाल पाने में क्यों असफल हुई है। क्या विपक्षी दल जो कांग्रेस के बारे में बोल रहे हैं वह सही है क्या वास्तव में कांग्रेस का नेतृत्व आप सही तरीके से नहीं हो रहा है या फिर कांग्रेस में अब इंदिरा गांधी की तरह कोई तेज तर्रार रफ्तार वाला नहीं बचा है जो मंच पर खड़े होते ही जनता को साध ले।
जाने क्यों उठे जनता के मन मे सवाल:-
जनता के मन मे कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर सवाल तब उठे जब पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भाजपा का दामन थाम लिया। इस बात से कोई भी ऐसा नहीं होगा जो अवगत न हो कि हार्दिक पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का खूब विरोध किया है। लेकिन अब जब वह उन्हीं की शरण मे चले गए और उन्होंने कांग्रेस को स्वार्थ सिध्दि की पार्टी बता दिया तो जनता के मन मे अनेको सावालो का जन्म हुआ। क्योंकि कांग्रेस पुरानी पार्टी है और इंदिरा गांधी के समय मे इसने गुजरात मे खूब लोकप्रियता भी हासिल की लोगो की जुबान पर आज जिस तरह से मोदी का नाम है उस समय इंदिरा गांधी का नाम था। यह महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी थी और इनके गरीबी हटाओ के नारे ने उस दौर में इन्हें जीत के करीब ले जाकर खड़ा कर दिया।
लेकिन आज की कांग्रेस अब अलग रूप में दिख रही है। उसका नेतृत्व किन हाँथो में है यह किसी को नहीं पता। वही अगर हम वर्ष 2017 की बात करे तो गुजरात मे कांग्रेस को तीन युवा चेहरों के बलबूते पर बड़ी संख्या में सींटें हासिल हुई थी। लेकिन कांग्रेस इन्हें भी साधने में असफल रही है। हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाड़ी 2017 में कांग्रेस की रीढ़ बने थे। इन युवा नेताओं ने 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. 182 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने 77 सीटें जीती थीं, जो 1985 के बाद कांग्रेस पार्टी का सबसे बेहतर प्रदर्शन था।
Read Also : Gujarat Chunaavi Dangal: अब समय आ गया है जब भाजपा को गुजरात की सत्ता से हटाया जाए:- ओवैसी
लेकिन अब कांग्रेस की यह रीढ़ आधी टूट गई है और इनके युवा नेताओ में से हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर अब भाजपा परिवार का हिस्सा बन गए हैं। जो वास्तव में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के परिपेक्ष्य से कांग्रेस के लिए बड़ी त्रुटि है। हालांकि अभी जिग्नेश मेवाड़ी कांग्रेस के साथ है लेकिन इनके अलावा अगर कांग्रेस ने जल्द ही गुजरात मे कुछ बड़े लीडर्स को अपने साथ नहीं किया तो कांग्रेस को गुजरात मे बड़ी समस्याओं को झेलना पड़ सकता है। क्योंकि इस समय गुजरात मे कांग्रेस की सक्रियता भी अन्य दलों से कम है जिसके चलते वह लगातार जनता से दूर जा रही है।
