Gujarat chunavi dangal:- इस साल के अंत मे गुजरात में विधानसभा का चुनावी मंथन होने को है। राजनीति दल अभी से जनता को लुभाने के लिए कमर कस चुके हैं और आय दिन अपनी रणनीति में परिवर्तन कर सत्ता के सिंघासन तक पहुंचने की योजना बना रहे हैं। वैसे तो यह भाजपा और कांग्रेस में कांटे की टक्कर देंखने को मिलती है लेकिन इस समय गुजरात कांग्रेस में अंदरूनी कलह मची हुई है और आप की गुजरात में एंट्री हो चुकी है। आप लगातार कांग्रेस के वोट बैंक पर चोट कर खुद को भाजपा के सामने खड़ा करने में लगी हुई है।
वही अब भाजपा ने नया सियासी दाव खेलते हहुए अपने सभी कार्यकर्ताओं को छुट्टी पर भेज दिया है। और यह बीते सोमवार से लेकर बुधवार तक छुट्टी पर रहेंगे। पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि 5 मई तक भाजपा कोई भी कार्यक्रम नहीं कर रही है वह शान्त है। वही अगर भाजपा कार्यकर्ताओं की छुट्टी की बात करे तो यह सभी पिछले 2 साल से कार्यरत हैं इसलिए इन्हें आराम की आवश्यकता है और इसी कारण इन्हें अवकाश मिला है।
जहां एक ओर भाजपा की ओर से जारी बयान कार्यकर्ताओं की छुट्टी के पीछे के कारण से पर्दा नहीं उठा रही है वही विपक्ष इसे भाजपा का बड़ा दांव समझ कर चौकन्ना होंगे है। भाजपा के पास 11 लाख पंजीकृत कार्यकर्ता है विपक्ष यह कयास लगा रही है कि भाजपा के कार्यकर्ता छुट्टी की आड़ में बड़ा सियासी दांव खेलने की योजना बना रहे हैं और विपक्ष को जनता की नजर में नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं।
वही अगर विपक्ष सही है और भाजपा कार्यकर्ता इन तीन दिन में जनता को लुभाने की अंदरूनी कोशिश में लगे हैं तो यह कांग्रेस और आप के सपनो को तोड़ने जैसा साबित हो सकता है और जनता का रूझान भाजपा की ओर मुड़ सकता है। हालांकि अभी गुजरात की जनता का रुझान किस ओर है यह आँकना आसान नहीं है क्योंकि यहां का वोटर चुप्पी साधे हुए हैं और वह साइलेंट ब्लास्ट करने की योजना बना रहा है। वही भारुच में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए केजरीवाल ने यह कहा था कि भाजपा जल्द ही चुनाव करवाने के विकल्प को चुन सकती है। अब भाजपा कार्यकर्ताओं की इस अकास्मिक छुट्टी पर कुछ लोग यह उम्मीद भी लगाए हैं कि शायद यह चुनाव की तारीख घोषित करने की भाजपाई योजना है।
