गुजरात में कल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन की अंतिम तारीख है लेकिन अपनी पार्टियों से टिकट न मिलने वालों ने बगावत का झंडा बुलंद करना शुरू कर दिया है. यह नाराज़गी भाजपा में ज़्यादा दिख रही है, कम से कम पांच मौजूदा और पूर्व भाजपा विधायकों ने टिकट न मिलने से नाराज़ होकर निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है. वहीँ कुछ और असंतुष्ट नेताओं ने अपने समर्थकों से परामर्श के बाद कदम उठाने की बात कही है.
हर्षद वसावा गुजरात इकाई के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष
जानकारी के मुताबिक भाजपा के पूर्व विधायक हर्षद वसावा ने शुक्रवार को नंदोड सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया. वसावा ने 2002 और 2007 में चुनाव जीतकर पूर्ववर्ती राजपीपला सीट का प्रतिनिधित्व किया था.यह सीट अभी कांग्रेस के कब्ज़े में है. गौरतलब है कि हर्षद वसावा गुजरात इकाई के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष भी हैं. भाजपा ने डॉ दर्शन देशमुख को यहाँ से मैदान में उतारा है. टिकट न मिलने से नाखुश हर्षद वसावा ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया है. नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बात करते हुए वसावा ने कहा कि यहां पर असली मुकाबला असली और नकली भाजपा के बीच है.
बागियों ने कहा, बेनकाब होंगे नकली भाजपाई
वसावा ने कहा प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने वालों बेनकाब करने की बात कही. उन्होंने कहा कि मैंने 2002 से 2012 तक विधायक के रूप में जनता के लिए बहुत काम किया है. वहीँ वाघोडिया से छह बार के विधायक मधु श्रीवास्तव टिकट काटने से बहुत नाराज़ हैं. उन्होंने कहा कि अपने समर्थकों की मांग पर वह निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगे. भाजपा ने इस सीट से अश्विन पटेल को मैदान में उतारा है. वडोदरा की पादरा सीट से भाजपा के एक अन्य पूर्व विधायक दिनेश पटेल भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं . भाजपा ने यहाँ से चैतन्यसिंह जाला को टिकट दिया है. कांग्रेस पार्टी का अभी इस सीट पर कब्ज़ा है . इसके अलावा करजन में टिकट न मिलने से भाजपा के पूर्व विधायक सतीश पटेल मौजूदा बहुत नाराज़ हैं, भाजपा ने यहाँ अक्षय पटेल को टिकट दिया है. इधर जूनागढ़ की केशोद सीट से भाजपा के पूर्व विधायक अरविंद लडानी ने शनिवार को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की है.
