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Gujarat Chunavi Dangal :- कांग्रेस के फ्यूचर प्लान में जिग्नेश की इंट्री

Gujarat Chunavi Dangal : गुजरात में चुनावी हलचलों के बीच चैलेंजों का दौर भी शुरू हो गया है, चैलेन्ज आया कांग्रेस नेता और आज़ाद विधायक जिग्नेश मेवानी की ओर से. असम में 9 दिन सलाखों के पीछे गुज़ार कर आने वाले दलित समुदाय के युवा और जुझारू नेता जिग्नेश ने 1 जून को गुजरात बंद करने का एलान किया है और गुजरात सरकार को चैलेन्ज किया है कि इस बंद को रोककर दिखाए। 

खैर इस गुजरात बंद को अभी काफी दिन शेष हैं लेकिन आज अहमदाबाद पहुँचने पर जिस तरह से राज्य कांग्रेस ने उनका स्वागत किया है उससे कई सियासी सुगबुगाहटों ने जन्म लिया है. शहर में कई स्थानों पर होर्डिंग और बैनरों में हार्दिक का भरपूर स्वागत किया गया, यह अलग बात है कि इन बैनरों और पोस्टरों से हार्दिक पटेल की तस्वीर नदारद थी. ऐसा शायद इसलिए हो सकता है कि हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से बायो से कांग्रेस को आउट कर दिया। हालाँकि हार्दिक ने अपने अपने ट्वीटर पोस्ट में जिग्नेश के अहमदाबाद पहुँचने की खबर पर “हार्दिक स्वागत है भाई” लिखा है. 

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हार्दिक और कांग्रेस की अनबन में अचानक जिग्नेश को जिस तरह ज़मानत मिलने पर असम से सीधे दिल्ली बुलाया गया और पार्टी के दिल्ली हेडक्वार्टर पर प्रेस कांफ्रेंस करवाकर जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी पर अटैक कराया गया उससे तो यही लगता है कि कांग्रेस के फ्यूचर प्लान में जिग्नेश मेवानी का अहम् रोल होने वाला है. मेवानी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी को जिस तरह 56 इंची कायर कहा और जिस तरह आज अहमदाबाद पहुँचने से पहले गुजरात सरकार को ताल ठोंकर चैलेन्ज किया और गुजरात बंद कराने की बात कही, उसे भी कांग्रेस की व्यूहरचना का हिस्सा माना जा रहा है. 

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गुजरात में लगभग 7 प्रतिशत दलित वोट है जो कई विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका रखता है, जिग्नेश “दलित अस्मिता यात्रा” से इस समाज और गुजरात की राजनीति में एक ख़ास मुकाम बना चुके हैं. हार्दिक और जिग्नेश गहरे दोस्त हैं लेकिन राजनीति कई बार रिश्तों पर भारी पड़ जाती है, इन दोनों के मामले में क्या होगा, यह कांग्रेस पार्टी के व्यवहार पर काफी निर्भर करता है, फिलहाल तो गिरफ़्तारी मामले से बरहम चल रहे जिग्नेश भाजपा और मोदी के प्रति आक्रामक मुद्रा में हैं और कांग्रेस पार्टी का उन्हें पूरा समर्थन प्राप्त है.

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