Gujarat chunavi dangal:- पांच राज्यों में मिली करारी हार के बाद गुजरात मे कांग्रेस जहां एक ओर अपनी विजय का स्वप्न सजा रही है। वही दूसरी ओर पार्टी की अंदरूनी कलह कांग्रेस के लिए जहर का घूंट बनती जा रही जिसे अगर कांग्रेस पीती है तो वह हलक के नीचे नहीं उतर रहा और अगर उसे फेंकती है तो वह प्रतिपक्ष का अस्त्र बनने को तैयार है। अब इसी बीच कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के बगावती तेवर को शान्त करने के लिए हाई कमान ने एक्शन लिया है। सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि हार्दिक पटेल से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से सम्पर्क साधा है और उनकी समस्याओं का निजात करने का फैसला लिया।
Gujarat chunavi dangal:- हार्दिक को किसी कीमत पर नहीं छोड़ना चाहती है कांग्रेस
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समाचार एजेंसी एनआईए से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी ने यह दावा किया है कि राहुल गांधी ने हार्दिक पटेल से सीधा संपर्क साधा है और उन्हें पार्टी में बने रहने को कहा है। इतना ही नहीं उन्होंने पटेल पार्टी प्रभारी व अन्य नेताओं के साथ सभी मतभेद खत्म कर पार्टी को मजबूत बनाने की गुजारिश की है।
पिछले कई दिनों से गुजरात के राजनीतिक गलियारों में हार्दिक पटेल खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। लोग इनके भाजपा में।शामिल होने के कयास भी लगा रहे हैं। वही इन्होंने कांग्रेस से रुष्ट होकर अपने ट्वीटर के बायो से कांग्रेस का नाम भी हटा दिया है लेकिन अब सवाल यह है कि आखिर पटेल अपनी ही पार्टी के लिए बगावती रुख क्यों अपनाए हुए हैं। असल मे पार्टी में हार्दिक को उतना सम्मान नहीं मिला जिसकी उन्होंने अपेक्षा की थी उन्हें पार्टी के प्रमुख प्रियंका राहुल और सोनिया से कोई शिकायत नहीं है। लेकिन गुजरात मे कुछ विशेष नेताओं से उनका छत्तीस का आंकड़ा है। पटेल का कहना है कि वह पार्टी की नीतियों पर न चलके अपनी पर चल रहे हैं। जिसके चलते हार्दिक पटेल अपनी पार्टी से रुष्ट हैं।
लोग हार्दिक पटेल के भाजपा में शामिल होने के कयास इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि इन्होंने कई बार अपने भाषण के दौरान भाजपा की तारीफ की है। इन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने के लिए और राम मंदिर निर्माण के लिए भाजपा सरकार की तारीफ की थी। जिसके बाद लोग यह उम्मीद लगा रहे हैं कि हार्दिक अगर कांग्रेस से बाहर गए तो वह भाजपा परिवार का हिस्सा बनेंगे।

