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Gujarat Chunavi Dangal: भाजपा ने घोषित किये 6 और उम्मीदवार

Gujarat Chunavi Dangal: BJP declared 6 more candidates

आज जहा हिमाचल प्रदेश में मतदान हो रहा है वहीँ गुजरात चुनाव के लिए पार्टियों द्वारा उम्मीदवारों के नामों की लगातार घोषणा की जा रही है, भाजपा ने पहले 160 उम्मीदवारों की घोषणा की था उसमें आज 6 और प्रत्याशियों का इज़ाफ़ा हो चूका है. अभी 16 उम्मीदवारों की घोषणा और होनी है. नामांकन प्रक्रिया जारी है.पहले चरण के लिए लगभग सभी दलों ने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, नामांकन की अंतिम तारीख 14 नवम्बर है, वहीँ दुसरे चरण के नामांकन की आखरी तारीख 17 नवंबर है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी काफी फिसड्डी दिख रही है जिसने अभी तक सिर्फ 96 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है, उसे अभी 82 प्रत्याशी और घोषित करने हैं, जिसका मतलब यह हुआ कि दूसरे चरण के नामांकन में मात्र पांच दिन रह गए है और अभी नहीं मालूम कि कांग्रेस पार्टी किन लोगों को प्रत्याशी बना रही है. वहीँ भाजपा भी एडजस्टमेंट की रणनीति के तहत 16 प्रतयषीयों का नाम रोके हुए है.

बीजेपी के दूसरी सूची में धोराजी, खंभालिया, कुतियाना, भावनगर पूर्व, डेडियापाड़ा और चोर्यासी विधानसभा सीट से अपने उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं . धोराजी सीट से महेंद्रभाई पाडलिया को टिकट दिया है. खंभालिया से मूलुभाई बेरा, भावनगर पूर्व से सेजल राजीव कुमार पांड्या, कुतियाना से ढेलिबेन मालदेभाई ओडेदरा और डेडियापाड़ा सुरक्षित सीट से हितेश देवजी वसावा को उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा भाजपा ने चोर्यासी विधानसभा सीट से संदीप देसाई को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने दो दिन पहले ही 160 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को घाटलोदिया विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.

बता दें कि बीजेपी की पहली लिस्ट में पार्टी ने 38 मौजूदा विधायकों के पत्ते कट गए हैं. वहीँ हार्दिक पटेल समेत कांग्रेस के सात दलबदलू नेताओं को भी टिकट दिया है . गौरतलब है कि गुजरात में अगली सरकार चुनने के लिए 1 और 5 दिसंबर को मतदान कराया जायेगा, नतीजे 8 दिसंबर को आएंगे. आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मतदान पूरा होने के बाद कल से भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं का धावा गुजरात में बोला जायेगा और अगले दो तीन हफ़्तों तक गुजरात में ज़बरदस्त सियासी सरगर्मी रहने वाली है. भाजपा यहाँ 27 साल से सत्ता पर काबिज़ है, वहीँ मुख्य विपक्षी उसे सत्ता से हटाने की कोशिश में लगभग तीन दशक से लगी है लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिल रही है. इस बार पंजाब जीतने के बाद उत्साहित आम आदमी पार्टी भी जी जान से जीतने की कोशिश में है.

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