Gujarat chunavi dangal:गुजरात में जहाँ आम आदमी पार्टी अपनी पैठ बढ़ाती जा रही है, भाजपा के बड़े नेताओं के दौरे शुरू हो चुके हैं मोदी जी गुजरात जाकर हज़ारों करोड़ की योजनाओं की घोषणाएं कर आये हैं, आगे उनके दौरे और भी बढ़ने वाले हैं वहीँ कांग्रेस पार्टी गुजरात में सुसुप्तावस्था में नज़र आ रही है. राहुल गाँधी भारत जोड़ो यात्रा में जुटे हुए हैं, आगे भी जुटे रहेंगे, प्रियंका गाँधी का भी कुछ अता पता नहीं है, गुजरात चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी के मुख्य पर्यवेक्षक अशोक गेहलोत नयी राजनीतिक परिस्थितियों के बाद आला कमान का विश्वास खो चुके हैं, ऐसे में गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का भविष्य क्या होने वाला यह बहुत बड़ा सवाल है.
गेहलोत जब गुजरात चुनाव के इंचार्ज बनाये गए थे तभी से वहां पर चुनाव की बागडोर उन्हीं की टीम के हाथों में थी, अब रहेगी या नहीं इस पर सवाल है, शायद यही वजह है कि गुजरात कांग्रेस भी चुप बैठ गयी है, उसे नए आदेशों का इंतज़ार है. पता नहीं अब चुनाव में कांग्रेस पार्टी किस आधार पर आगे बढ़ेगी क्योंकि उसके सारे आधार कहीं और बिज़ी हैं. गुजरात चुनाव के प्रभारी रघु शर्मा हैं मगर वो भी अभी चुप्पी साढ़े हुए हैं, राजस्थान के रण से पहले उनकी गेहलोत के साथ ट्यूनिंग बन रही थी मगर अब शायद उन्हें भी किसी नेता का इंतज़ार है जो दिल्ली से भेजा जायेगा।
एक तरफ अरविन्द केजरीवाल गुजरात में अपने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी कर चुके हैं वहीँ कांग्रेस में उम्मीदवारों के चयन का काम अटक गया है, प्रचार थम गया है. केजरीवाल आम आदमी पार्टी को गुजरात में कांग्रेस का विकल्प बनाने में जुटे हुए हैं वहीँ कांग्रेस की गुजरात में सुस्त पड़ी सरगर्मियों से लगता है वह केजरीवाल को गुजरात थाली में सजाने की तैयारी कर रही है. गुजरात जैसे राज्य की अहमियत केजरीवाल को पता है तभी उनका एक पैर दिल्ली और दूसरा गुजरात में रहता है, वहीँ राहुल गाँधी फिलहाल दक्षिण को साधने में जुटे हुए हैं वहीँ बाकी कांग्रेसी अध्यक्ष पद के चुनाव में बिज़ी है, ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी को गुजरात चुनाव से कोई लेना देना ही नहीं है.
