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GST Council Meeting: खाने पीने के सामान से लेकर गाड़ी खरीदने के नए रेट तय, दवाइयां सस्ती

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GST Council Meeting : GST Council Meeting के बाद लिए गए कई अहम फैसलों का असर आम लोगों पर पड़ने वाला है। इससे बहुत सी चीजों की कीमतें फिर से तय होंगी। जीएसटी कॉउसिल मीटिंग के बाद खाने-पीने के सामान से लेकर गाड़ी खरीदने तक जीएसटी के नए रेट्स तय हुए हैं। नए जीएसटी रेट्स के बाद कुछ चीजें महंगी तो कुछ चीजें खरीदना सस्ता होगा। स्नैक्स फूड पर जीएसटी 18 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं कैंसर की दवाओं पर आईजीएसटी नहीं लगाया जाएगा। मल्टी पर्पस कारों पर 22 प्रतिशत कंपनसेशन सेस लगाने की तैयारी है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल (GST Council Meeting 2023 Highlights) की मीटिंग में कई चौकाने वाले फैसले लिए हैं। इन फैसलों की घोषणा की जा चुकी है। फैसले में खाने-पीने की चीजों से लेकर गाड़ी खरीदने की कीमतों तक बदलाव किया गया है। जीएसटी मीटिंग के बाद कई चीजों को खरीदना सस्ता होगा। वहीं कुछ चीजें पहले के मुताबिक अधिक महंगी होगी।

फूड आइटम

जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में के मुताबिक अब अनकुक्ड फूड आइटम सस्ता कर दिया है। कच्चे या बिना तले स्नैक्स फूड के जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत कर दी है। जीएसटी काउंसिल मीटिंग में लिए फैसले के अनुसार अगर मूवी हॉल में खाना ऑर्डर करते हैं तो इसे पहले के मुताबिक कम कीमत पर मिलेगा। मूवी हॉल में मिलने वाले खाने-पीने के आइटम पर GST 18 % से घटाकर 5 % की गई है।

कैंसर की दवा

जीएसटी काउंसिल मीटिंग के बाद फैसला लिया गया है कि कैंसर की वो दवाएं जो विदेश से इम्पोर्ट की जाती हैं। उन पर आईजीएसटी नहीं लगाया जाएगा। कैंसर की दवाई Dinutuximab के एक डोज 63 लाख रुपए में आती है। Import सस्ता होने का मतलब कि देश में इन्हें पहले से Low Price पर खरीदा जा सकेगा।

मल्टी पर्पस कार

जीएसटी काउंसिल के फैसले के बाद कार खरीदना पहले के मुताबिक मंहगा होने जा रहा है। मीटिंग में फैसला लिया गया है कि मल्टी पर्पस कारों (MUV) पर 22 प्रतिशत compensation cess लगाया जाएगा। सेडान कार पर cess नहीं लगाया है। इन कारों पर 28 प्रतिशत GST अलग से वसूल की जाएगी।

ऑनलाइन गेमिंग

जीएसटी काउंसिल की मीटिंग के बाद यह तय हुआ है कि ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो, घुड़़दौड़ पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाई जाएगी। ऑनलाइन गेमिंग को जीएसटी के दायरे ले आए हैं। यानी गेमर्स को ऑनलाइन गेमिंग के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।

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