Green field Expressway: गाजियाबाद से कानपुर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे 380 किमी लंबा बनेगा। दावा है कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनने के बाद साढ़े तीन घंटे में गाजियाबाद से कानपुर का सफर पूरा होगा। इसके लिए एनएचएआइ ने डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी भोपाल की एक एजेंसी को दी है। आबादी क्षेत्र से दूर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे फोर लेन राजमार्ग 10 जिलों से होकर गुजरेगा।
आने वाले समय में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से गाजियाबाद से कानपुर तक का सफर आसान होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI द्वारा 380 किलोमीटर लंबा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। आबादी क्षेत्र से दूर यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे फोर लेन दस जिलों से होकर गुजरेगा। डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट dpr बनाने की जिम्मेदारी लायन इंजीनियरिंग कंसल्टेंट एजेंसी भोपाल को दी गई है।
तीन घंटे का होगा गाजियाबाद से कानपुर का सफर
एनएर्चएआइ का दावा है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बन जाने से साढ़े तीन घंटे में गाजियाबाद से कानपुर का सफर पूरा हो जाएगा। गाजियाबाद से कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग अभी NH 91 है। जिसकी लंबाई 468 किलोमीटर है। इसकी और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के बीच की दूरी करीब बीस किलोमीटर रहेगी। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे गाजियाबाद से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, एटा, फर्रुखाबाद, कन्नौज और उन्नाव से होते हुए कानपुर को जोड़ेगा।
डीपीआर बनाने वाली कंपनी इंजीनियर सर्वे कर तय करेंगे कि 380 किमी की दूरी में कहां फ्लाईओवर, अंडरपास और पुल बनेंगे। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस.वे के दोनों ओर छायादार पेड़ों के साथ डिवाइडर पर पौधारोपण किया जाएगा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के हेडलाइट की रोशनी दूसरी लेन में चलने वाले वाहन चालक की आंखों पर न पड़े। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गाजियाबाद से कानपुर के बीच नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। इसकी डीपीआर तैयार करने के लिए एजेंसी तय हो गई है। डीपीआर बनने के बाद उसे स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पास भेजा जाएगा। प्रदेश में इस तरह के आठ एक्सप्रेस बनाए जाएंगे।