देहरादून। उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों से अब परिवहन विभाग ग्रीन सेस (Green Cess) वसूलने की तैयारी कर रहा है। ये ग्रीन सेस बाहरी राज्यों से आने वाले व्यवसायिक वाहनों से उत्तराखंड परिवहन विभाग लेने की तैयारी बना रहा है। इसके लिए योजना का बकायदा एक प्लान भी परिवहन विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस योजना के तहत दूसरे राज्यों से आने वाले व्यवसायिक वाहनों से 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक ग्रीन सेस वसूला जाएगा। ये ग्रीन सेस टैक्स उत्तराखंड आने के लिए जारी किए जाने वाले परमिट में शामिल किए जाने की योजना बनाई गई है।
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हालांकि इय योजना को अभी हरी झंडी नहीं मिली है। लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी जाएगी। इसके बाद शासन इसको पूरी तरह से लागू कर देगा। प्रदेश में दूसरे राज्यों से आने वाले व्यवसायिक वाहनों से हुए प्रदूषण को कम करने और दुर्घटना संभावित मार्गो को दुरूस्त करने के लिहाज से परिवहन विभाग ने 2012 से सभी वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर ग्रीन सेस लागू किया हुआ है।
नए वाहनों के पंजीकरण के समय ही एक निर्धारित राशि ग्रीन सेस(Green Cess) के रुप में वसूल ली जाती है। जिसमें पेट्रोल वाले चौपहिया वाहनों से 1500 रुपये, डीजल वाले चौपहिया वाहनों से तीन हजार रुपये लिए जाते हैं। जबकि दोपहिया वाहनों से 600 रुपये ग्रीन सेस के रुप में लिया जाता है। इसी के साथ ही व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस के दौरान भी यह धनराशि ली जाती है।

