वर्ष 2013 में आई दैवीय आपदा में बह गई थी आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि
सितंबर 2020 में शुरू हुआ प्रतिमा बनाने का काम, 35 टन की प्रतिमा बनाई गई
देहरादून। केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को जल्द ही आदिगुरु शकंराचार्य की भव्य प्रतिमा के दर्शन होंगे। वर्ष 2013 में आई दैवीय आपदा में आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि बह गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा जिसकेेे अन्र्तगत आदिगुरु शंकराचार्य समाधि का डिजाइन तैयार किया गया है। मैसूर के मूर्तिकारों द्वारा बनायी गयी 12 फीट ऊंची प्रतिभा 25 जून को गोचर पहुंचेगी।
केदारनाथ धाम में जल्द ही आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित किये जाने की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। मैसूर के मूर्तिकार योगीराज शिल्पी ने अपने पुत्र अरुण के साथ मिलकर आदिगुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा बनाई है। प्रतिमा बनाने का कार्य सितंबर 2020 में शुरू हुआ था। मूर्तिकारों ने दिन-रात की मेहनत से कृष्णशिला पत्थर से 12 फीट ऊंची और 35 टन वजनी प्रतिमा बनाई है। बताया गया कि प्रतिमा की चमक बढ़ाने के लिये नारियल पानी की पाॅलिश की गयी है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि सेना के बड़े हेलीकाॅप्टर से 12 फीट ऊंची आदि गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा 25 जून को गोचर पहुंचेगी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापना कार्य के अंतिम चरण पर पहुंचने से बेहद उत्साहित हैं। सीएम के अनुसार केदारनाथ धाम में आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। तीर्थ यात्रियों के लिए पर्यटन की दृष्टि से नया आकर्षित स्थल तैयार होगा। वहीं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति के विकास व संरक्षण में हिंदू दार्शनिक और धर्मगुरु आदिगुरु शंकराचार्य का विशेष योगदान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशन में केदारनाथ धाम में किये जा रहे पुनर्निर्माण कार्य के अन्र्तगत आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित कराई जा रही है।

