Site icon Buziness Bytes Hindi

India Size: भारतीयों के कपड़ों के लिए बनेगा ‘इंडिया साइज’, अब तक UK-USA साइज में बनते थे कपड़े

jl2604

India Size: अब भारत सरकार कपड़ों के लिए ‘इंडिया साइज’ बनाएगी। इसके लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 25 हजार स्त्री व पुरुषों की शारीरिक बनावट का डेटा जुटाया जाएगा। इसमें 15 से 65 साल के लोगों के सभी शरीर का त्रिआयामी स्कैन किया जाएगा। इसके बाद इसी आधार पर बनी नई नाप का उपयोग भारतीय और विदेशी कंपनियां कपड़े तैयार करते समय करेंगी। कपड़े खरीदते समय भारतीयों को ब्रिटेन, अमेरिकी साइज में एक का चयन करना होता है। कपड़ों की ये नाप अमेरिका, यूरोप के नागरिकों की शारीरिक बनावट पर आधारित होती है। जो अक्सर भारतीयों पर फिट नहीं होती। इस मुश्किल समस्या का समाधान अब केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने निकाला है। मंत्रालय अब इंडिया साइज बनवा रहा है। टेक्सटाइल सचिव रचना शाह ने कारोबारी संगठन फिक्की के कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंडिया साइज में कपड़ों की नाप, मानक आकार भारतीयों की शारीरिक बनावट के मुताबिक होंगे। जो हमें बेहतर ढंग से फिटिंग देंगे।

इस समय बाजार में इन साइजों के कपड़े

इस समय एक्स्ट्रा स्मॉल (एक्सएस), स्मॉल (एस), मीडियम (एम), लार्ज (एल), एक्स्ट्रा लार्ज (एक्सएल) और डबल एक्स्ट्रा लार्ज (डबल एक्सएल) नाप के कपड़े देश में आमतौर पर मिलते हैं। ये नाप अमेरिका और ब्रिटेन में तय किए गए नाप हैं। कंपनी देशी हो या विदेशी, देश में इन्हीं नाप में कपड़े तैयार कर बेचे जाते हैं। जबकि विदेशियों की ऊंचाई, वजन, शारीरिक बनावट अलग होती हैं। इसी कारण आमतौर पर नाप की समस्या रहती है। केवल कपड़े ही नहीं, यह अध्ययन वाहन, फिटनेस, खेल, कला, कंप्यूटर गेमिंग और विमान निर्माण जैसे सेक्टर में भारतीयों की शारीरिक बनावट के मुताबिक उत्पाद बनाने में मदद करेगा।

उत्पादन, निर्यात पर जोर

अगले पांच साल में घरेलू वस्त्र क्षेत्र को चार से पांच हजार करोड़ डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। अभी यह 2.2 हजार करोड़ डॉलर ही है। इसी समयावधि में निर्यात मौजूदा 250 करोड़ डॉलर से बढ़ाकर 1,000 करोड़ तक पहुंचाने पर जोर है। रचना शाह ने कहा कि दुनियाभर में तकनीकी वस्त्र क्षेत्र करीब 25 हजार करोड़ डॉलर है। जिसके साल 2026 तक 32.5 हजार करोड़ डॉलर के पार पहुंचने का अनुमान है।

Exit mobile version