लखनऊ। अचानक सेवा से हटाये गये स्वास्थ्यकर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अचानक नौकरी से हटा दिया गया है। ऐसे में उनकी मांग है कि उन्हें एक बार फिर से सेवा में वापस लिया जाए। इसको लेकर उन्होंने अखिलेश यादव को एक ज्ञापन दिया है।
अखिलेश से मिलने गए स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में 30 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती की गई थी। उनकी नियुक्ति की समयसीमा मार्च 2020 से पांच मार्च 2022 तक बढ़ाई गई थी। 5 मार्च 2022 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसको लेकर नोटिस भी नहीं दिया गया।
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उन्होंने अखिलेश यादव से शिकायत की है कि बिना नोटिस दिए अचानक स्थाई रूप से समाप्त कर दी गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि 5 मार्च 2022 से सभी वो और उनका परिवार बेरोजगारी में भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने अखिलेश यादव से अपील है कि इन स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाएं पुनः बहाल की जाएं, जब तक कि उनकी उम्र 60 साल न हो जाएं।
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सोमवार को अखिलेश यादव से मिलने वाले स्वास्थ्यकर्मियों में राम कुमार तिवारी, राजीव गुप्ता, गौरीशंकर, शुभम वर्मा, आदित्य पटेल, रितम्भरा, शिल्पी पाण्डेय, मैना चौधरी, शशी, सीमा, शिखा, प्रियंका गौतम, कुलदीप, बबिता यादव, राहत अली, हर्ष श्रीवास्तव, अनुभव मिश्रा, प्रिंसी देवी, अंजू, सागर जायसवाल आदि मौजूद थे।

