बिहार में राजनीतिक रूप से आज दिन काफी महत्वपूर्ण रहा, आज जेडीयू और भाजपा का जहाँ औपचारिक रूप से अलगाव हुआ वहीँ जेडीयू और राजद एकबार फिर साथ आ गए. सबसे पहले सुबह पार्टी सांसदों और विधायकों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने की घोषणा की, उसके बाद राज्यपाल से मिलकर अपने से त्याग पत्र दिया, फिर तेजस्वी यादव से उन्हें समर्थन पत्र मिला जिसे लेकर वो एकबार फिर राज्यपाल फागू चौहान से मिले और 164 विधायकों का समर्थन पत्र उन्हें सौंपा। नितीश के साथ तेजस्वी और कांग्रेस व दूसरी अन्य पार्टियों के नेता भी साथ में थे. राज्यपाल से मिलने के बाद नितीश सात दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही.
फिलहाल राज्यपाल की और से सरकार बनाने का न्योता कब मिलेगा इसकी कोई जानकारी अभी नहीं है लेकिन नितीश कुमार ने कहा कि गवर्नर महोदय जब सरकार बनाने के लिए बुलाएँगे हम हाज़िर हो जायेगे. इस मौके पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि भाजपा का यही चरित्र है कि जो भी पार्टी उसका साथ देती है बहुवा ब्रिगेड उसे खा जाती है. भाजपा जेडी यू के साथ भी यही कर रही थी. तेजस्वी ने भाजपा का साथ छोड़ने के लिए नीतीश कुमार का शुक्रिया अदा किया।
वहीँ नितीश कुमार की इस चाल से परेशान भाजपा नेता उनपर निशाना साधने में जुट गए हैं. बिहार भाजपा प्रमुख ने जेडीयू के भाजपा से गठबंधन तोड़ने को बिहार की जनता का अपमान और भाजपा से धोखेबाज़ी बताया वहीँ बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार को अति महत्वकांक्षी बताते हुए कहा कि बिहार की जनता उनको फिर से सबक सिखाएगी. उन्होंने कहा कि उनमें हिम्मत है तो बताएं कि जेडीयू को कौन तोड़ेगा. उन्होंने कहा कि नितीश कुमार जीवन में कभी भी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे.
इससे पहले पार्टी विधायकों और सांसदों की बैठक में नितीश कुमार ने अमित शाह पर पार्टी की तोड़ने की साज़िश करने का खुला आरोप लगाया, नितीश ने कहा कि RCP सिंह के सहारे भाजपा एक और चिराग़ मॉडल पैदा करने की कोशिश कर रही थी. उन्होंने भाजपा पर जेडीयू का कई बार अपमान करने का आरोप भी लगाया। नितीश ने कहा हम जब तक भाजपा के साथ रहे हमने गठबंधन धर्म का पूरी तरह से पालन किया।

