इंदौर में सरकारी इमामबाड़े और ताजिया रखने को लेकर चल रहे विवाद के बीच आज हाई कोर्ट में इस मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। इस सुनवाई पर प्रशासन के साथ-साथ शहर के कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों की भी नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि कोर्ट का फैसला आगामी धार्मिक गतिविधियों के लिए अहम साबित हो सकता है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा के लिए एक विशेष कंपनी तैनात की गई है। इसके अलावा 10 से अधिक थाना प्रभारी, 7 डीएसपी स्तर के अधिकारी, 400 से ज्यादा पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं।
शहर के संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए लगातार गश्त की जा रही है। प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। वहीं, ड्रोन कैमरों की मदद से भी पूरे शहर पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी जानकारी की पुष्टि प्रशासन से करने को कहा है।
गौरतलब है कि मंगलवार रात एक अफवाह फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग सरकारी इमामबाड़े के बाहर जमा हो गए थे। देखते ही देखते भीड़ बढ़ गई और कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। काफी प्रयासों के बाद हालात को नियंत्रित किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, यदि इमामबाड़ा नहीं खोला गया तो इस साल मुहर्रम के दौरान निकलने वाले ताजिया जुलूस और अखाड़ों के पारंपरिक कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है।
अब सभी की नजरें हाई कोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हुई हैं।
