न्यूज़ डेस्क : गूगल ने अपने रेवेन्यू मॉडल में सुधार पर तेजी दी है। मंगलवार को गूगल की ओर से कहा कि गूगल प्ले स्टोर पर उपस्थित उन ऐप को गूगल पे बिलिंग सिस्टम का उपयोग करना चाहिए, जो अपने ऐप के माध्यम से डिजिटल कंटेंट की बिक्री कर रहे हैं गूगल की मानें, तो इन ऐप्स को अपनी कमाई का कुछ भाग गूगल प्ले स्टोर को देना चाहिए।
आपको बता दें कि मौजूदा समय में गूगल प्ले स्टोर पर कई सारे ऐसे ऐप उपस्थित हैं, जो डिजिटल कंटेंट की बिक्री करके कमाई कर रहे हैं परन्तु इसके बाद भी फ्री में गूगल प्ले स्टोर का उपयोग कर रहे हैं गूगल का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में गूगल प्ले स्टोर से कुछ घंटों के लिए Paytm ऐप को प्रतिबन्ध कर दिया गया था।
गूगल की ओर से कहा गया कि ऐप खरीदारी के लिए गूगल प्ले की बिलिंग सिस्टम उपस्थित है जिसे कंपनी की ओर से पहले के मुकाबले अधिक क्लियर किया गया है, जिससे डिजिटल कंटेंट की बिक्री करने वाले ऐप को भुगतान के मोड में लाया जा सके।
वही ऐप डेवल्पर्स को सितंबर 2021 से गूगल बिलिंग पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ सकता है इसका अर्थ है कि ऐप डेवल्पर्स को अपनी कमाई का 30 फीसदी भाग गूगल प्ले स्टोर को देना पड़ सकता है मौजूदा समय में जिन ऐप डेवल्पर्स के गूगल प्ले पर 2 बिलियन से अधिक मंथली सक्रीय उपभोक्ता हैं।
ऐसे ऐप को गूगल पे बिलिंग सिस्टम से जुड़ना आवश्यक होगा इसके लिए कंपनी की ओर से ऐप डेवल्पर्स को 30 सितंबर 2021 तक का समय दिया गया है हालांकि गूगल तथा एप्पल दोनों पर ऐप डेवल्पर्स की ओर से आरोप लगता रहा है कि उनकी ओर से अधिक फीस वसूली जाती है वही इस पर निश्चित निर्णय नहीं हो पाया है।

