अमृतसर। पंजाब में इस समय देश विरोधी गतिविधियां चल रही है। खालिस्तानी मुवमेंट को लेकर आए दिन अपराधिक वारदातें हो रही है। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों के इशारें पर वारिस पंजाब दे प्रमुख और खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह बीते कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में हैं। पंजाब पुलिस अभी तक भी अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अब पंजाब से भारत विरोधी एक और घटना सामने आई है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में पंजाब के अमृतसर स्थित सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल स्वर्ण मंदिर में एक लड़की को इस कारण प्रवेश नहीं करने दिया गया क्योकिं उसने अपने चेहरे पर राष्ट्रीय ध्व्ज तिरंगे की पेटिंग करवा रखी थी। वीडियो वायरल होने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति का बयान भी सामने आया है।
चेहरे पर तिरंगा के कारण गोल्डन टेंपल में नहीं मिला प्रवेश
वीडियो में गार्ड यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि ये भारत नहीं है, ये पंजाब है। इतना ही नहीं इस दौरान गार्ड युवती के साथ बदसलूकी करते हुए दिखाई दिया। कहा जा रहा है कि लड़की ने अपने चेहरे पर तिरंगे की पेटिंग करवा रखी थी। इस कारण उसे स्वर्ण मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। वायरल VIDEO में दिख रहा है कि लड़की अपने हरियाणवी साथी को लेकर एक सिख के पास पहुंचती है।
यह पंजाब है इंडिया नहीं…
लड़की का कहना है कि इसी व्यक्ति ने उसे गोल्डन टेंपल में दाखिल होने से रोका था। लड़की के साथ आया व्यक्ति सिख से पूछता है- गुड़िया को जाने से क्यों रोका? सिख ने जवाब दिया- इसने अपने चेहरे पर तिरंगा बना रखा है इसलिए रोका। लड़की के साथी ने फिर पूछा- क्या यह इंडिया नहीं है तो सिख ने जवाब दिया- यह इंडिया नहीं है। यह पंजाब है, इंडिया नहीं है।
वीडियो बनाने से चिढ़ा सेवादार, मोबाइल छिनने का प्रयास
लड़की सिख से बात करते हुए उसका वीडियो भी बना रही थी। वीडियो बनाने पर वह चिढ़ गया। उसने लड़की का मोबाइल छीनने की कोशिश की। बात हाथापाई तक आ गई थी। वीडियो वायरल होने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee के अधिकारी का बयान सामने आया है। गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अधिकारी ने इस पूरे मामले पर माफी मांगी है। लेकिन दावा किया कि युवती के चेहरे पर जो पेंटिंग थी वो भारतीय ध्वज की नहीं थी। क्योंकि उसमें अशोक चक्र नहीं था।
