पूरे देश में आज पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के ठिकानों पर NIA ने छापे मारे, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां भी की गयीं, बिहार के पूर्णिया में NIA ने PFI के दफ्तर पर छापा मारा। PFI पर NIA की इस छापेमारी के बाद अब राजनीति भी शुरू हो गयी है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जहाँ ये कहकर कि बिहार आतंक का स्लीपर सेल बन गया है, छापों को विवादित रंग दिया वहीँ जेडीयू ने भी पलटवार करते हुए गिरिराज की फ़ौरन गिरफ्तारी की मांग कर डाली.
भाजपा नेता गिरिराज ने PFI और SIMI को एक ही बताते हुए कहा कि इन संगठनों को लालू और नितीश का संरक्षण प्राप्त है. गिरिराज के इस बयान पर जेडीयू ने कहा कि जब केंद्रीय मंत्री के पास इतनी गिरफ़्तारी है तो उन्होंने अबतक छिपाई क्यों? NIA को उन्हें फ़ौरन गिरफ्तार करना चाहिए. जेडीयू प्रवक्ता मंजीत सिंह ने कहा कि गिरिराज से इस बारे में पूछताछ की जानी चाहिए.
दरअसल बिहार में जेडीयू से गठबंधन टूटने और सरकार छूटने के बाद भाजपा के बिहार से जुड़े मंत्रियों और नेताओं के निशाने पर अब राजद से ज़्यादा जेडीयू रहती है, विशेषकर मुख्यमंत्री नितीश कुमार जिनके फिलहाल मोदी का विकल्प बनने की बात हो रही है. बता दें कि बिहार से पीएफआई के जिन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है उनमें मोतिहारी के एक मदरसे के मौलवी भी शामिल है. इन मौलवी पर आरोप था की यह बच्चों का ब्रेन वाश कर रहे हैं. गौरतलब है कि NIA के छापों में PFI से जुड़े 100 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
