कहा तो यह जा रहा है कि सोनिया गाँधी से मिलने राजस्थान के मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत जब 10 जनपथ जा रहे थे तो उनके हाथ कोई पेपर था जिसे माफीनामा बताया जा रहा था लेकिन अब जो खबर निकलकर सामने आयी है उनके मुताबिक उस पन्ने में सचिन पायलट के खिलाफ सोनिया गाँधी को बताने के लिए नोट्स लिखे हुए थे. इसका मतलब गेहलोत अध्यक्ष पद की दौड़ से हटने के लिए माफीनामा लिखकर नहीं ले गए थे बल्कि वो सचिन पायलट के खिलाफ सोनिया गाँधी के कान भरने गए थे. उस पन्ने में यह भी लिखा था कि SP (सचिन पायलट) कांग्रेस पार्टी को तिलांजलि दे सकते हैं.
इसके अलावा पूरी डिटेल लिखी हुई थी कि लड़ाई 102 बनाम SP +18 के बीच है और भी बहुत कुछ. संयोग से कहिये या जानबूझकर गेहलोत का यह परचा मलयाला मनोरमा के फोटोग्राफर के कैमरे में कैद हो गया और गेहलोत के माफ़ीनाम की सच्चाई सामने आ गयी. कहा तो यह भी जा रहा है कि इस लीक के पीछ भी गेहलोत का दिमाग़ है. गेहलोत के इस पेपर में भाजपा पर भी आरोप लगाया गया है जिसमें लिखा है कि कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने की साज़िश के तहत विधायकों को करोड़ों की कथित पेशकश की जा रही है. साथ में यह भी लिखा है कि इस साज़िश में पायलट भी शामिल हैं.
पायलट के इन नोट्स में आब्जर्वर पर भी निशाना साधा गया है, शायद अजय माकन पर. लिखा है कि आब्जर्वर अगर समय पर सही रिपोर्ट देते तो पार्टी के लिए अच्छा होता। उधर गेहलोत के इस लीक नोट पर भाजपा ने भी कटाक्ष किया है. भाजपा प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने अपने ट्वीट में पूछा है कि ये SP कौन है? उन्होंने आगे लिखा है भारत पहले से ही जुड़ा हुआ है, कांग्रेस को जोड़ो।
