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Gautam Gambhir: क्रिकेटर की पूजा का चलन बंद होना चाहिए, भड़के गंभीर

भारत में क्रिकेट का खेल एक जूनून के रूप में लिया जाता है, फैंस अपने चहीते खिलाडियों के ऐसे दीवाने हो जाते हैं कि उन्हें भगवान् का दर्जा देने लगते हैं. फैंस की छोड़िये बोर्ड के अधिकारी और पूर्व खिलाड़ी भी इस रेस में शामिल हो जाते हैं लेकिन भारतीय क्रिकेट के बेबाक बोलों वाले एक सितारे गौतम गंभीर को यह बात पसंद नहीं हैं, किसी भी खिलाड़ी को सीमा से बाहर जाकर उसकी वकालत करने पर अक्सर वो भड़क जाते हैं।  अब एकबार फिर वो इसी मुद्दे पर भड़के हैं, गंभीर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट को क्रिकेटर की पूजा बंद कर देनी चाहिए. 

गंभीर ने कहा कि हम कब तक टीम के बजाय नामों पर चर्चा करते रहेंगे, कब तक कपिल  देव, धोनी और विराट की माला जपते रहेंगे. उन्होंने मीडिया से भी कहा कि किसी खिलाडी के नाम की माला जपने की जगह पूरी टीम के बारे में बात करनी चाहिए. ये तो खिलाडियों के साथ एक तरह का भेदभाव होता है कि हम टीम के सिर्फ दो तीन खिलाडियों के नामों की ही चर्चा करते रहते हैं, टीम में दूसरे खिलाडी भी तो होते हैं उनको भी अपनी चर्चाओं में जगह देना चाहिए, उनको भी बड़ा होने का मौका देना चाहिए.  

गौतम ने बड़ी गंभीर बात उठाते हुए कहा कि एशिया कप के जिस मैच में विराट कोहली ने टी 20 क्रिकेट का अपना पहला और कुल 71वां शतक बनाया उसी मैच में भुवनेश्वर कुमार ने पांच विकेट हासिल किये लेकिन हर कोई बात सिर्फ विराट कोहली की ही कर रहा है, उन्हें ओपनिंग करनी चाहिए, नहीं करनी चाहिए, देश में एक डिबेट चल रही है मगर भुवि की कोई बात नहीं कर रहा है. गंभीर ने कहा कि उस दिन मैं कमेंट्री कर रहा था और मैं अकेला ऐसा व्यक्ति था जो विराट के बजाये भुवनेश्वर की बात कर रहा था. 

गंभीर ने कहा कि 1983 का विश्व कप जीतने में टीम के बहुत से खिलाडियों का महत्वपूर्ण योगदान था मगर सारा क्रेडिट कपिल देव को दिया गया. गंभीर ने कहा कि अगर किरमानी विकेट पर न टिके  होते तो क्या कपिल ज़िम्बाब्वे के खिलाफ वो ऐतिहासिक शतक लगा पाते. सेमफाइनल और फाइनल में मोहिंदर अमरनाथ की शानदार पारियों की वो चर्चा नहीं होती जो कपिल देव के शतक और फाइनल में विव रिचर्ड्स का कैच लेने की होती है. गंभीर ने कहा कि इसके बाद भारत ने जब 2007 और 2011 का विश्व कप जीता तो धोनी की पूजा होने लगी और अब वही बात विराट के लिए भी हो रही है. गंभीर ने कहा कि बहुत हुआ, अब यह खेल बंद होना चाहिए।

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