आम की बिक्री को लेकर बागबान चिंतित

बिज़नेसआम की बिक्री को लेकर बागबान चिंतित

Date:


आम की बिक्री को लेकर बागबान चिंतित

नयी दिल्ली: लगातार कोरोना आपदा की मार झेल रहे आम के बागवान जहाँ एक ओर थ्रिप्स के प्रकोप से बेहाल हैं वहीं बाजार बंद होने की वजह से इसकी बिक्री को लेकर चिंतित हैं।

किसानों, फल व्यापार की कंपनियों और सरकार के विभिन्न विभागों को आपस में जोड़ने के लिए केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान ने शनिवार को ऑनलाइन आम क्रेता-विक्रेता संगोष्ठी का आयोजन किया। जिसमें उद्यान एवं स्वास्थ्य प्रसंस्करण विभाग, राज्य बागवानी सहकारी विपणन संघ, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार निदेशालय के साथ बड़ी संख्या में आम बागवानी और निजी क्षेत्र के उद्यमियों को एक साथ जोड़ा गया।

मलिहाबाद के बागों में व्यापारियों का बाग में आना जाना बौर निकलने के बाद आम के छोटे आकार की अवस्था में ही प्रारंभ हो जाता है। इस वर्ष कोरोना और मार्केट की अनिश्चितता ने आम के कारोबारियों को बागों की तरफ आकर्षित नहीं किया। आमतौर पर यह सोचा जाता है कि व्यापारी किसान को अच्छा दाम नहीं देते परंतु फसल बिक जाने की गारंटी होने के कारण वे निश्चिंत रहते हैं। दूसरी तरफ किसानों को यह भी आशंका है कि मंडी में अच्छा दाम नहीं मिलेगा क्योंकि ज्यादातर आम जो दिल्ली और दूसरे प्रदेशों को जाता था उसमें कमी आएगी।

संस्थान के निदेशक शैलेंद्र राजन के अनुसार कुछ किसानों का कहना है कि कच्चे आम को सीधे क्रेता को बेचने में अधिक लाभ नहीं मिलता है। अगर आम को पका दिया जाए तो आमदनी अच्छी होती है। आम के लिए राइपेनिंग चैंबर की अनउपलब्धता बागवान को उचित मूल्य दिला नहीं पाती। संस्थान के डाॅ. राजन ने किसानों को बताया कि वे लघु स्तर पर राइपेनिंग चैंबर की स्थापना में संस्थान में मदद करेंगे। आम उत्पादक बागवानी के सचिव उपेन्द्र सिंह, मदर डेयरी मॉल के विजय सिंह सहित अनेक प्रगतिशील किसानों ने मैंगो मार्केटिंग से जुड़ी परेशानी से अवगत कराया।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Airtel के सभी पोस्टपेड प्लान्स में अब फ्री इंटरनेशनल रोमिंग का फायदा

मेरठ : भारत की प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं में...

Nobel Peace Prize से पहले Trump ने फिर गिनाईं उपलब्धियां, बोले- मैंने 8 युद्ध सुलझाए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के नोबेल शांति...