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कूडे़ से बनेगी गैस, गैस से बनेगी बिजली


कूडे़ से बनेगी गैस, गैस से बनेगी बिजली

मेरठ में कचरे से बिजली बनाने का ट्रायल शुरू
ग्रिड से जोड़ा गया प्लांट, एक सप्ताह होगा परीक्षण

मेरठ। महानगर मेरठ में कूड़े से बिजली बनाने की बहुप्रतीक्षित योजना अब धरातल पर साकार हो गयी है। आज महानगर के भूडबराल स्थित विजेंद एनर्जी एंड रिसर्च कंपनी के कूड़े से गैस और गैस से बिजली बनाने के संयंत्र परीक्षण शुरू कर दिया गया। एक सप्ताह तक परीक्षण करने के बाद इस प्लांट को सुचारू रूप से चलाया जा सकेगा। इस संयंत्र के सफलतापूर्वक कार्य करने पर शहर के कूड़े की समस्या का निस्तारण होने के साथ निगम को आय होगी और विद्युत उत्पादन भी होगा।

कूड़े से बिजली बनाने की योजना पर मेरठ में काफी समय से कार्य चल रहा था। विजेंद्र एनर्जी एंड रिसर्च कंपनी द्वारा संयंत्र स्थापित कर इस दिशा में काफी तेजी से कार्य किया जा रहा था। कोरोना काल के चलते योजना में थोड़ा विलंब हुआ। मगर काफी प्रतीक्षा के बाद आज संयंत्र का ट्रायल शुरू कर दिया गया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डाॅक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेयी और विजेंद्र एनर्जी एंड रिसर्च कंपनी के प्रोपराइटर विजेंद्र सिंह, सहायक नगर आयुक्त बृजपाल सिंह ,इंद्र विजय कुमार और बिजली विभाग के एक्सईएन रामबाबू, प्रिंस कुमार गौतम ने बटन दबाकर कूड़े से बिजली बनाने के प्लांट का ट्रायल शुरू करा दिया।

बताया गया कि अब यह एक सप्ताह तक कूड़े से बिजली बनाने के प्लांट का ट्रायल चलता रहेगा। इस परीक्षण के सफल होने के बाद कूड़े से बिजली भी उपलब्ध हो जायेगी। डाॅ लक्ष्मीकांत वाजपेयी और कंपनी के प्रोपराइटर विजेंद्र सिंह के अनुसार इस संयंत्र के शुरू हो जाने के बाद शहर में कूड़े की समस्या का निस्तारण हो जाएगा। इससे नगर निगम को आय भी होगी और बिजली भी बनेगी। उद्घाटन के दौरान पार्षद संदीप रेवड़ी नरेंद्र उपाध्याय और विवेक वाजपेई आदि भी उपस्थित रहे।

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