केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का नाम मोदी सरकार के सबसे लोकप्रिय मंत्रियों में आता है , विपक्ष में भी उनकी स्वीकार्यता काफी है, गडकरी को अपने मंत्रालय के कामकाज और बेबाक बयानों के लिए भी जाना जाता है, कई बार तो उनके बयान से सरकार भी असहज स्थिति में आ जाती है। अब एकबार फिर उनका एक बयान सुर्ख़ियों में है. गडकरी ने पेट्रोल-डीजल के इंपोर्ट को आतंकवाद से कनेक्टेड बताया है. गडकरी RSS के मुखपत्र ‘पांचजन्य’ के कार्यक्रम में बोल रहे थे जिसमें उन्होंने पेट्रोल-डीजल के आतंकवाद से कनेक्शन वाली बात कही.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यक्रम सागर मंथन को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के एक्सपोर्ट को बढ़ाना और इंपोर्ट को कम करना देशभक्ति का नया रास्ता है. वहीँ कहा कि जिस दिन देश को पेट्रोल और डीजल की एक बूंद भी इंपोर्ट नहीं करनी पड़ेगी, भारत के लिए वो दिन ‘नई आजादी’ का होगा. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के इंपोर्ट को रोकना दुनिया में आतंकवाद को रोकने से जुड़ा हुआ है, उन्होंने कहा कि जिस तरह से आतंकवाद को रोकना पूरी दुनिया के लिए मुश्किल है उसी तरह पेट्रोल डीज़ल का आयात रोकना भी मुश्किल है.
गडकरी ने कहा कि दुनिया भर में आतंकवाद तब तक नहीं रुकेगा जबतक पेट्रोल-डीजल का इंपोर्ट बंद नहीं होगा. उन्होंने कहा कि उनके जीवन का मकसद पेट्रोल और डीजल के आयात को रोकना है. जिस दिन ऐसा हो जायेगा, भारत के लिए एक नई आजादी होगा। बता दें कि पेट्रोल-डीजल के इंपोर्ट पर इस समय देश को 16 लाख करोड़ रुपए खर्च करने पड़ते हैं.

