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गांवों में तेज हुआ कोरोना, कोहराम


गांवों में तेज हुआ कोरोना, कोहराम

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा, 2 हजार से ज्यादा मरीज मिले
नाममात्र की टेस्टिंग, हर दिन सैकड़ों में।मिल रहे लक्षण

अमित बिश्‍नोई

मेरठ।शहरी इलाकों में कोहराम मचाने के बाद कोरोना वायरस अब गांवों में भी दबे पाव घुसपैठ बना रहा है। उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों के गांव इसकी चपेट में है। मेरठ जिला भी इससे अछूता नहीं है। यहां के गांव में मरीजों का आंकड़ा तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट खुद इस बात की तस्दीक कर रही है। वहीं लगातार बढ़ते मामलों के बावजूद टेस्टिंग व अन्य सुविधाएं देने में।विभाग कछुआ चाल चल रहा है। स्थिति यह है की गांव में घर घर लोग बुखार और बीमारी की चपेट में हैं लेकिन इस ओर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

अब तक दो हजार से ज्यादा पॉजिटिव

पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव-गांव मरीज ढूंढने के सिलसिला शुरू हुआ था। इस अभियान के गांव-गांव तहत ही अब तक दो हजार से ज्यादा कोरोना वायरस संक्रमण के मरीज सामने आ चुके हैं। बीते सोमवार को ही मेरठ जनपद के 12 ब्लॉकों में 168 मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए। जबकि विभाग की ओर से कुल 2442 लोगों की जांच करवाई गई थी। एक दिन में ही इतने मरीज मिलने से ही हालातों का अंदाजा लगाया जा सकता है। सोमवार को कुल की गई टेस्टिंग के 6.87 % सैंपल पॉजिटिव मिले हैं जबकि मई भर में शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 2653 कुल मरीजों में कोरोना संक्रमण की पहचान हो चुकी है।

3 ब्लॉकों की स्थिति बिगड़ी

मेरठ जनपद के ग्रामीण इलाकों का हाल काफी बेहाल हो चुका है 12 ब्लॉकों में 3 ब्लॉक खतरनाक स्थिति में है। जिसमें मवाना, सरधना और दौराला ब्लॉक शामिल हैं। सबसे अधिक मरीज इस वक्त दौराला ब्लॉक में सामने आ रहे हैं। अभियान में ही यहां 458 एक्टिव मरीज सामने आए हैं। जबकि मवाना की बात करें तो अब तक यहां 344 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा सरधना में अब तक 349 मरीज सामने आ चुके हैं यह स्थितियां बताती है कि शहरी इलाकों के बाद ग्रामीण इलाकों के हालात भयावह हो चले हैं।

सैकड़ों लोगों में मिल रहे लक्षण स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीती 5 मई से शुरू हुए अभियान के तहत सैकड़ों लोगों में कोरोना वायरस जैसे लक्षण भी मिल रहे हैं। बीते 11 मई तक की 5000 से ज्यादा लोगों में कोरोना जैसे लक्षण पाए गए थे। जबकि 3000 से ज्यादा लोगों को होम आइसोलेशन में एडमिट किया गया था। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि गांव में महामारी तेजी से पैर पसार रही है, वही टेस्टिंग के आंकड़े बताते हैं कि स्थितियों को काबू करना स्वास्थ्य के लिए दूर की कौड़ी है।

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