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‘हार की गाज’: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कुर्सी पर मंडराया खतरा


‘हार की गाज’: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कुर्सी पर मंडराया खतरा

शिमला। हिमाचल प्रदेश में हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली हार के बाद पार्टी के बड़े चेहरों पर गाज गिरने की आशंका बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर ‘हार की गाज’ गिर सकती है ऐसे में उत्तराखंड और कर्नाटक की तरह भाजपा हिमाचल प्रदेश में भी नया मुख्यमंत्री ला सकती है।

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गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में 4 सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के गृह राज्य में मंडी लोकसभा सीट के अलावा अर्की, फतेहपुर और जुब्बल-कोटखाई की विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव भाजपा के लिये निराशाजन रहे और पार्टी को चारों सीटों पर करारी हार का सामना करना पड़ा। हालातों पर चर्चा करने के लिये भाजपा के वरिष्ठ नेता चंडीगढ़ हिमाचल भवन में बैठक करने वाले थे जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही थी। लेकिन इस बैठक को निरस्त कर दिया गया। कहा यह जा रहा है कि चंडीगढ़ में मंगलवार को राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद के आगमन के कारण बैठक को रद्द किया गया ह।ै मगर पार्टी सूत्रों का कहना है कि कई सीटों पर हुई हार की समीक्षा रिपोर्ट ही तैयार नहीं हो पाई है जिसके चलते बैठक को निरस्त किया गया है।

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भाजपा सूत्रों का कहना है कि उपचुनाव में मिली हार की गाज मुख्यमंत्री के साथ उन मंत्रियों पर भी गिर सकती है जो अपने ही क्षेत्र में भाजपा को जीत दिलाने मंे नाकाम रहे हैं। चुनाव क्षेत्र के प्रभारी मंत्रियों की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में पार्टी संगठन में ऊपर से नीचे तक बदलाव किया जा सकता है। माना जा रहा है कि अगले साल हिमाचल प्रदेश में होने वाले उपचुनाव विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा संगठन कड़े फैसले ले सकता है। इस आशंकाओं ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नींद उड़ा रखी है और वह पार्टी नेतृत्व से संपर्क साध कर अपना पद और प्रतिष्ठा बचाने की जुगत में लगे हैं।

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