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Smallcap Mutual Fund: छोटी योजनाएं लाने पर जोर दे रहे हैं फंड हाउस, HDFC ने किया आवेदन

Smallcap Mutual Fund: ऐसे समय में, जब निवेशक ज्यादा जो​खिम वाली निवेश योजनाओं विषयगत और स्मॉलकैप म्युचुअल फंड को अधिक पसंद कर रहे हैं। बाजार में तेजी के बीच कुछ फंड हाउसों नए निवेश अवसरों के लिए कम बाजार पूंजीकरण (mcap) वाली योजनाओं को लाने की तैयारी में हैं। छोटी योजनाओं में निवेश की संभावना तलाशी जा रही है।

एचडीएफसी म्युचुअल फंड (HDFC MF) ने इस साल के शुरूआत में ऐ​क्टिव माइक्रोकैप योजना बाजार में उतारने के लिए बाजार नियामक सेबी के पास आवेदन किया था। म्युचुअल फंड उद्योग के जानकारों की माने तो कुछ फंड हाउस ऐसी कई योजनाएं पेश करने के लिए प्रयासरत हैं। छोटी योजनाओं में निवेश के लिए निवेशक भी उत्साहित रहते हैं।

सामान्य तौर पर, किसी शेयर को तभी माइक्रोकैप मानते हैं, जब उसकी रैंकिंग सूचीबद्ध इ​​क्विटी में पूरे बाजार पूंजीकरण (एम-कैप) के मामले में 500 से नीचे हो। या फिर एम-कैप 1,000 करोड़ रुपए से कम हो।

यदि निफ्टी माइक्रोकैप 250 इंडेक्स के पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो साफ संकेत मिलता है कि माइक्रोकैप योजना उपयुक्त नहीं है। इसके सूचकांक ने पिछले तीन साल में 56 फीसद का सालाना रिटर्न दिया है। तुलनात्मक अध्ययन के मुताबिक लार्जकैप सूचकांक निफ्टी-50 ने 21 फीसद रिटर्न दिया। ब्लूमबर्ग आंकड़े से मिली जानकारी के अनुसार 10 साल की अव​धि के दौरान, माइक्रोकैप सूचकांक ने निफ्टी-50 के मुकाबले करीब दोगुना लाभ दिया है।

हालांकि हाल के सालों में मजबूत प्रदर्शन के बाद विश्लेषक माइक्रोकैप सेगमेंट को जो​खिम से भरा मानते हैं। क्योंकि सभी विश्लेषण के लिए इससे जुड़ी जानकारी पर्याप्त नहीं होती है। और छोटी कंपनियों का कॉरपोरेट प्रशासनिक मानक कम होते हैं। एम-कैप के मामले में 500 से नीचे रैंक के शेयरों का विश्लेषक कवरेज कम किया जाता है। इसके अलावा ऐसी कंपनियों में तरलता आमतौर पर कम होती है।

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