मेरठ। बसपा सरकार में मंत्री रहा प्रदेश का सबसे बड़ा मीट माफिया याकूब कुरैशी मेरठ के अफसरों को हाईकोर्ट के चक्कर लगवा रहा है। लेकिन मेरठ की पुलिस अभी तक उसकी परछाई तक भी नहीं पहुंच पाई है। हालात ये हैं कि हाईकोर्ट में योगी के अधिकारियों ने बिना तैयारी हाजिरी लगाई तो तगड़ी फटकार लगी। अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड में 5 करोड के मीट बरामदगी मामले में मामले में फरार फैक्ट्री मैनेजर सहित तीन कर्मचारियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट पुलिस ने अदालत से जारी करवाए हैं।
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याकूब और उसके परिवार की तलाश में पुलिस छापेमारी तो कर रही है। लेकिन उस तक अभी पहुंच नहीं पाई है। याकूब अपने परिवार सहित फरार है और परिवार के सभी लोग वाट्सएप काल के जरिए एक—दूसरे के संपर्क में हैंं। पुलिस ने अब वाट्सएप लोकेशन मांगी है।
ये था मामला :
मेरठ के कोतवाली क्षेत्र के सराय बहलीम निवासी पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की अल फहीम मीटेक्स प्राईवेट लिमिटेड फैक्ट्री में वर्ष 2019 में कारोबारी पर रोक लगाकर इसको सील कर दिया गया था। इस फार्म में बिना लाइसेंस के मीट की पैकिंग और उसको एक्सपोर्ट किया जाता था। इसके बाद भी अवैध तरीके से इस फैक्ट्री में मीट की पैकिंग हो रही थी। जिस पर पुलिस ने छापा मारकर करीब 5 करोड का मीट बरामद किया था।
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इस मामले में हाजी याकूब कुरैशी और उसके परिजनों सहित 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें हाजी याकूब कुरैशी का फैक्ट्री मैनेजर मोहित त्यागी, गांव घोसीपुर निवासी फैजाब और नन्हेड़ा निवासी मुजीब का नाम बढ़ाया गया था। थाना किठौर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि फरार आरोपी मोहित त्यागी, फैजाब के अलावा मुजीब के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट लिए गए हैं।

