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Mainpuri News Today: खेत में मिले द्वापर कालीन चार हजार साल पुराने हथियार, पुरातत्वविदों की बढ़ी उत्सुकता

मैनपुरी। मैनपुरी जिले के एक गांव में खेत से चार हजार साल पुराने हथियारों मिले हैं। जिससे पुरातत्वविदों की उत्सुकता बढ़ गई है। इन हथियारों को भगवान श्रीकृष्ण काल यानी द्वापर युग का बताया गया है। ये हथियार तांबे के हैं और इनकी जांच के बाद जो शोध परिणाम आए हैं। उसने आर्कियोलॉजिस्ट काफी आश्चर्यचकित हैं। प्राचीन काल में भारतीय लड़ाकों के पास ऐसे उन्नत हथियार थे ये इनसे पता चलता है। इन हथियारों में बड़ी तलवार से लेकर चार फीट लंबे हथियार तक शामिल हैं। ये हथियार काफी तेज हैं और सोफिस्टिकेटेड आकार के बने हैं।

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सवाल यह है कि क्या इन हथियारों का उपयोग कुरुक्षेत्र में महाभारत की लड़ाई के दौरान हुआ है। बता दें कि गणेशपुर गांव में एक किसान अपने खेत की जुताई करा रहा था। खेत के ऊबड़-खाबड़ होने के कारण वह उसको समतल करा रहा था। इस दौरान खुदाई में खेत से तांबे की तलवारें और हार्पून निकले। किसान सभी हथियारों को घर ले गया। उसे लगा कि हथियार सोने चांदी के हो सकते हैं। खेत से हथियार निकाले जाने की जानकारी पूरे इलाके को हो गई और किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम आई और वह इन हथियारों को किसान से हासिल कर इसकी जांच में जुट गई।

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खेत से मिले हथियारों की जांच में पुरातत्वविदों ने इनको एंटीना तलवार और हार्पून की संज्ञा दी है। इसके नीचे एक हुक भी लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये हथियान चार हजार साल पुराने हैं। तांबे के ये हथियार ताम्र पाषाण काल के बताए हैं। बता दें कि कांसा हड़प्पा काल की विशेषता थी। इसे मूल रूप से तांबा युग की एक शहरी सभ्यता के रूप में जानते हैं। इस काल के मिट्टी के बर्तनों में लाल रंग लगाया जाता था। इसे छूने पर गेरू रंग उभरता है। मिली सामग्री लगभग 3800 से 4000 साल पुरानी बताई गई है। इससे पहले मदारपुर (मुरादाबाद)सनौली (बागपत), सकटपुर (सहारनपुर) आदि स्थानों पर ऐसे हथियार और बर्तन मिल चुके हैं।

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