चार नर कंकालों का धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया अंतिम संस्कार

उत्तराखंडचार नर कंकालों का धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया अंतिम संस्कार

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चार नर कंकालों का धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया अंतिम संस्कार

  • केदारनाथ आपदा में लापता हुए लोगों के मृत शरीर, नर कंकाल खोजने निकली थी टीम
  • चार नर कंकाल गौरी माई खर्क के नजदीक बरामद हुए थे

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ आपदा में मृत चार लोगों की आत्मा को आज निश्चित ही शांति मिली होगी। वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई आपदा में मृत लोगों के नर कंकाल इतने वर्षों से मानों अपने अंतिम संस्कार की प्रतिक्षा कर रहे थे।

उनकी तलाश में चलाये गये संयुक्त अभियान में गौरी माई खर्क के नजदीक बरामद हुए चार नर कंकालों का सोन नदी के संगम पर आज अंतिम संस्कार कर दिया गया। शवों की पहचान के लिये डीएनए सैंपल भी लिये गये हैं।
वर्ष 2013 में उत्तराखंड राज्य के अन्र्तगत आने वाले हिंदूओं के प्रमुख धार्मिक स्थल केदारनाथ में अचानक आई बाढ़ से संपूर्ण क्षेत्र तहस-नहस हो गया था।

इस भीषण आपदा में न जाने कितने श्रद्धालु और स्थानीय निवासियों ने अपने प्राण गंवा दिये थे। असंख्य लोगों के शव भी उनके परिजनों को नहीं मिल पाये थे। ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने आपदा में मृत लोगों के शरीर-नर कंकाल मिलने की संभावना के चलते अभियान चलाने का निर्णय लिया था।

16 सितम्बर से चलाये गये इस अभियान में एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को शामिल करते हुए 10 टीमों का गठन किया गया था। पांच दिनों तक चलाये गये अभियान में इन टीमों ने अलग-अलग मार्ग पर खोजबीन की। शनिवार शाम के समय एक टीम को गोमुखड़ा से नीचे गौरी माई खर्क के नजदीक चार नर कंकाल मिले थे।

चारो नर कंकालों का पंचनामा भरने के साथ डीएनए सैंपल भी लिया गया। आज सोन नदी के संगम पर चारों नर कंकालों का अंतिम संस्कार कर उनकी आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना की गयी।

पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि मृत शरीर-नर कंकालों की खोज में निकली टीमें वापस आ गयी हैं और जिला स्तर पर चलाये इस अभियान का समापन कर दिया गया है। पहचान की संभावना को देखते हुए नर कंकालों के डीएनए का सैंपल सुरक्षित रख लिया गया है। पूर्ण धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ नर कंकालों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

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