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UP News: उन्नाव में करंट से मासूम चार भाई-बहनों की मौत, पंखा गिरने से हुई घटना

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UP News: यूपी के उन्नाव जिले में बारासगवर थाना क्षेत्र के लालमन खेड़ा गांव में पंखे का करंट लगने से चार मासूम बच्चों की मौत हो गई। मरने वाले चारों मासूम आपस में भाई बहन थे। घटना के समय चारों मासूम घर पर अकेले थे। घटना के समय इनके माता-पिता खेत में धान की फसल काट रहे थे।

चार मासूम बच्चों की मौत से कोहराम मच गया

पुलिस ने मिली जानकारी के अनुसार उन्नाव के थाना बारासगवर के गांव लालमन खेड़ा निवासी किसान वीरेंद्र पासी, पत्नी के साथ खेत में धान की फसल काटने गए थे। घर में वीरेंद के चार मासूम बच्चे मयंक (9), बेटी हिमांशी (8), हिमांशु (6) और मांशी (4) थे। देर शाम जब वीरेंद्र अपनी पत्नी के साथ खेत से लौटकर घर पहुंचे, तो उनके चारों मासूम बच्चे एक दूसरे के ऊपर पड़े थे। उनके ऊपर पंखा गिरा पड़ा हुआ था। सभी बच्चों की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच कर रही है। एक ही घर में चार मासूम बच्चों की मौत से कोहराम मच गया। वीरेंद्र और उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

फर्राटा पंखे से चिपक गए चारों बच्चे

वीरेन्द्र सिंह अपनी पत्नी के साथ खेत पर जाते हुए चारों बच्चों को घर पर छोड़कर गए। जाते समय उन्होंने बच्चों के लिए घर पर फर्राटा पंखा चला दिया। बताया जाता है कि अचानक पंखे के करंट से एक बच्चा चपेट में आ गया। करंट लगने से वह चीखने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरे बच्चे ने उसको बचाने का प्रयास किया तो वह भी करंट की चपेट में आ गए। इसके बाद चारों बच्चों ने करंट की चपेट में आकर दम तोड़ दिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे। बच्चों की दर्दनाक मौत देख वहां आने वाला हर कोई कोई दहल गया। हादसे की जानकारी वीरेन्द्र और उसकी पत्नी को हुई वह बदहवास हालत में चीखते-चिल्लाते घर पहुंचे।

दर्दनाक मंजर देख नहीं रोक पाए आंसू

वीरेन्द्र सिंह के घर का आंगन बच्चों की किलकारी और खेलकूद से गुलजार रहता था। आज उस आंगन में मातम पसरा है। जहां चारों बच्चे आपस में खेला करते थे। वहां आज उनके शव शांत पड़े हुए थे। जिसने ये मंजर देखा उसकी आंखों के आंसू थम नहीं रहे थे। सबसे बुरा हाल बच्चों के माता-पिता का है। घर में अपने जिगर के टुकड़ों के शव देख माता-पिता बेसुध हो गए। मां शिवदेवी बच्चों के शवों से लिपटकर बेहाल हो गई। कलेजे के टुकड़ों को देख वह सदमे में पहुंच गई। जिसने भी दर्दनाक मंजर देखा वह अपने आंसू रोक नहीं पाया।

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