विद्यार्थियों के साथ 101 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानित
पांच हजार रुपए से लेकर पचास हजार रुपए तक के नकद पुरस्कार भी प्रदान किए
मेरठ। गंगानगर स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आईआईएमटी ग्रुप ने शिक्षा के क्षेत्र में सफलता के साथ 25 वर्ष पूरे किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ऑलराउंडर समेत विभिन्न श्रेणियों में नकद पुरस्कार व ट्राॅफी देकर सम्मानित किया गया। संस्थान के 101 शिक्षकों और कर्मचारियों को उनके काम के लिए विशेष रूप से सराहना मिली और पांच हजार रुपए से लेकर पचास हजार रुपए तक के नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम को कोरोना गाइडलाइन के अनुरूप आयोजित किया गया।
स्थापना दिवस के मुख्य अतिथि माननीय सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता उन्हीं को मिलती है, जिनके जीवन का एक लक्ष्य होता है और वे अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार होते हैं और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए सच्चा दृढ़संकल्प लेते हैं, और इसके लिए वे लगातार प्रयास करते रहते हैं। राजेन्द्र अग्रवाल ने शिक्षकों को भी सीख देते हुए कहा कि हर शिक्षक को इस पर ध्यान देना चाहिए कि मैं किस तरह एक सरल तरीके से, किस तरह सही वक्त पर कुछ करते या कुछ कहते हुए इन बच्चों को प्रेरित कर सकता हूं।
आईआईएमटी समूह के चेयरमैन योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा कि आईआईएमटी सदैव शिक्षा के माध्यम से व्यक्तित्व विकास, मानसिक कुशलता, नैतिक और शारीरिक बल के विकास का पक्षधर रहा है। विद्यार्थियों के भविष्य के निर्माण और पेशेवर करियर को आकार देने में आईआईएमटी अग्रणी रहा है। इसी का परिणाम है कि छोटे से संस्थान से शुरू होकर महाविद्यालय बना और वर्तमान में विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त कर लिया है। योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा, अच्छी शिक्षा की प्रकृति रचनात्मक होती है जो हमेशा के लिए हमारे भविष्य का निर्माण करती है। यह हमें बहुत से क्षेत्रों का ज्ञान प्रदान करके आत्मविश्वास प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि हम बिना अच्छी शिक्षा के अधूरे हैं क्योंकि शिक्षा हमें सही सोचने वाला और सही निर्णय लेने वाला बनाती है। योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा कि माॅल रोड स्थित डीडीयूएमसी काॅलेज से आरंभ होकर आज संस्थान गंगानगर होते हुए ग्रेटर नोएडा तक जा पहुंचा हैं। सन् 1994 में गिनती के छात्रों से शुरू हुआ संस्थान आज बीस हजार छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रम में शिक्षा प्रदान कर रहा है। छात्रों की संख्या बढ़ती गई, लेकिन कभी भी शिक्षण की गुणवत्ता को गिरने नहीं दिया गया। इसी का परिणाम है कि आईआईएमटी उत्तर भारत के सबसे बड़े शिक्षण समूहों में से एक है। इंजीनियरिंग हो, मैनेजमेंट हो या फिर मेडिकल से संबंधित कोर्स सभी कुछ आईआईएमटी में उपलब्ध है। छात्रों को संबोधित करते हुए श्री योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए निगाह लक्ष्य पर होनी चाहिए।
योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा कि यह दिन हमें और प्रेरणा देता है और इसी प्रकार इस संस्थान को और आगे ले जाने की शक्ति भी हमें प्रदान करता है। मुझे गर्व है कि मैंने एक ऐसे कार्य के चुना जिसमें मैं आने वाले समय के हमारे जिम्मेदार नागरिकों यहां बच्चों को कुछ सिखाने का मौका मिला। मैं अपने शिक्षण समूह के अध्यापकों के साथ-साथ माता-पिताओं को भी धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने अपने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का प्रोत्साहन दिया।
कुलपति डाॅ. मनोज कुमार मदान ने विद्यार्थियों को अपने आत्म विश्वास को बढ़ाते हुए लक्ष्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान करते हुए जीवन-निर्माण के सूत्रों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपको दरअसल अंदाजा ही नहीं है कि आपके माता-पिता कितने संघर्षों से गुजर रहे हैं। आपका पालन-पोषण करने, आपके जीवन को बढ़ाने, आपके लिए सबकुछ संभव बनाने के लिए उन्हें जो मेहनत करनी पड़ती है, आप उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। जैसा तुम सोचते हो, वैसे ही बन जाओगे। खुद को निर्बल मानोगे, तो निर्बल और सबल मानोगे, तो सबल ही बन जाओगे। जीवन को दिशा देने के लिए लक्ष्य का होना उतना ही जरूरी है, जितना शरीर के लिए ऑक्सीजन का। आपके जीवन का समय सीमित है, इसलिए किसी भी व्यर्थ के कामों में अपने जीवन के इस अमूल्य समय को कभी भी बर्बाद मत करो।
मुख्य अतिथि सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, आईआईएमटी समूह के चेयरमैन और कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता द्वारा छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आईआईएमटी समूह के प्रबंध निदेशक श्री मयंक अग्रवाल, प्रति कुलपति डाॅ. टी. ईश्वरी, प्रति कुलपति डाॅ. एसके बसंल, कुलसचिव श्री अशोक कुमार, और श्रीमती पियांशु अग्रवाल ने छात्रों की मेहनत को सराहा और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर सभी निदेशक एवम् अध्यापकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन शिक्षक नीरज साहनी और फरहा हाशमी ने सफलतापूर्वक किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डाॅ. संदीप, डाॅ. एके चौहान, डाॅ. नीरज शर्मा, डाॅ. सुगन्धा, डाॅ. वत्सला तोमर, डाॅ. पूजा वशिष्ठ, डाॅ. अंशु तेवतिया, डाॅ. बिंदिया रावत, डाॅ. बृजेश, डाॅ. निर्भय सिंह, डाॅ. अबिरेश, डाॅ. अर्चना जैन, डाॅ. सौरभ सोनी, अंजलि शर्मा, शीना, और मीडिया प्रभारी सुनील शर्मा का विशेष योगदान रहा।

