खुर्जा निवासी क्राकरी व्यापारी मिला था संक्रमित
एक अप्रैल को हुई थी कोरोना से पहली मौत
मेरठ। आज से ठीक एक साल पहले 27 मार्च 2020 को मेरठ में कोरोना का पहला मरीज मिला था। आज एक साल बाद कोरोना के 33 नये मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कोरोना रिपोर्ट के अनुसार आज 5139 सैंपलों की जांच की गयी जिसमें 33 नये कोरोना संक्रमित मिले हैं। 1786 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है। राहत की बात यह रही की संक्रमण से आज किसी की मौत नहीं हुई। महानगर में अब तक कुल 21678 कोरोना मरीज मिल चुके हैं और संक्रमण से 409 लोग जान गवां चुके हैं।
पिछले साल 27 मार्च को मेरठ में कोरोना का पहला संक्रमित मरीज मिलने से हड़कंप मच गया था। 18 मार्च को खुर्जा निवासी क्राकरी व्यापारी महाराष्ट्र के अमरावती से मेरठ के शास्त्रीनगर में अपनी ससुराल आया था। 27 मार्च को उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। 1 अप्रैल को कोरोना संक्रमित व्यापारी के 72 वर्षीय ससुर की मौत हो गयी थी।
तब थी लोगों में दहशत, अब दिख रही बेफिक्री
मेरठ जिले में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आने के बाद पूरे जिले में दहशत का माहौल था। लाॅकडाउन के कारण अपने घर में बंद लोग भी कोरोना सेे खौफजदा थे। मगर आज 33 कोरोना संक्रमित मिलने के बावजूद लोग कोरोना के खौफ से बेखौफ नजर आ रहे हैं। हर दिन बढ़ती जा रही कोरोना संक्रमितों की संख्या भी लोगोें की चिंता बढ़ाने में नाकामयाब है। होली के पर्व की खरीदारी करने वालों की भीड़ के चलते शहर के प्रमुख बाजारों में पैर रखने की भी जगह नहीं थी। वहीं मास्क लगाना तो शायद लोग भूल ही गये हैं और जो लगा भी रहे हैं तो उनका मास्क ठुड्डी पर आकर अटक गया है।
सरकार और प्रशासन की ओर से लोगों को आगाह करने के बावजूद लोग कोरोना के खतरे से आंखें मूंदे हुए हैं। घर से निकलना मजबूरी हो सकता है मगर मास्क लगाने और यथासंभव दूरी बनाने या भीड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सावधानी तो लोग बरत ही सकते हैं। लेकिन लोगों की लापरवाही देख डर लगता है कि कहीं मेरठ को भी लाॅकडाउन का सामना न करना पड़े।

