फ़र्ज़ी जिओ टैगिंग कर सर्वेयर और इंजीनियर्स ने निकलवाई रकम
बुलंदशहर। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। फर्जीवाड़े में शामिल 23 सर्वेयर और 06 इंजीनियर्स की सेवा भी एडीएम वित्त ने समाप्त कर दी है।
शिकारपुर के मोहल्ला चौक चैनपुरा में वार्ड नम्बर 05 के सभासद योगेंद्र सिंह और सुनील ने शिकायत की थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में सर्वेयर और इंजीनियर फ़र्ज़ी जीओ टैग का इस्तेमाल कर योजना में वित्त अनियमितता कर लाभार्थियों को चूना लगा रहे हैं।
सर्वेयर और इंजीनियर्स गरीब लाभार्थियों की धनराशि को हड़प रहे हैं। शिकायत के आधार पर एडीएम वित्त ने जांच की और जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ लिया। जांच में पाया गया कि जो प्लाट बना भी नहीं था, उस प्लाट में निर्माण की तस्वीर टैग कर दी गई और विभाग से लाभार्थियों की किश्तों को निकाल लिया गया। इस मामले में सर्वेयर नितिन, गौरव, योगेश, दीपक, संदीप, ललित, मुकेश, प्रदीप, मोहित, अमित, तरुण, राकेश, विशाल, नितिन, रोबिन, मनोज, प्रशांत, सुमित,अतुल, वाहिद, आशीष, मस्तराम, शशांक, अंकित औऱ विनोद की सेवा समाप्त कर दी गई है। 06 इंजीनियर्स को भी हमेशा के लिए हटा दिया गया है साथ ही फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।
अबतक चार एफआईआर
प्रधानमंत्री आवास योजना की आड़ में अवैध वसूली करने वालों पर अब तक प्रशासन 4 एफआईआर दर्ज करा चुका है। एफआईआर में सभासदनऔर सभासद पति व रिश्तेदारों को नामजद किया गया है।
एडीएम वित्त दीपक सिंघल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जा रही है। अगर कोई लाभार्थी से आवास के नाम पर वसूली करता है तो वह गलत है। ऐसा करने वालों की शिकायत लाभार्थी संबंधित थाने या एसडीएम को दें। अवैध वसूली की सूचनाओं पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।

