ट्रेवल डेस्क – अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था बुधवार को जम्मू से रवाना हो गया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर बेस कैंप से यात्रियों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान पूरा माहौल ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के नारों से गूंज उठा।
हालांकि यात्रा की आधिकारिक शुरुआत 3 जुलाई से होगी, लेकिन पहले जत्थे ने उत्साह के साथ शुरुआत कर दी है।
38 दिन चलेगी यात्रा
- यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी।
- पहलगाम और बालटाल, दोनों रास्तों से यात्रा होगी।
- पिछले साल 5 लाख श्रद्धालु आए थे, इस बार अब तक 3.5 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
रजिस्ट्रेशन के लिए ये सेंटर खुले हैं:
- सरस्वती धाम
- वैष्णवी धाम
- पंचायत भवन
- महाजन सभा
- इन सेंटरों से हर दिन करीब 2,000 यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है।
यात्रा के दो मुख्य रास्ते
पहलगाम रूट –
- रास्ता थोड़ा लंबा (करीब 3 दिन का) लेकिन आसान है।
- पहलगाम → चंदनवाड़ी → पिस्सू टॉप → शेषनाग → पंचतरणी → गुफा
- रास्ते में ठहराव के लिए बेहतर सुविधाएं हैं।
बालटाल रूट –
- केवल 14 किमी का रास्ता है, लेकिन चढ़ाई खड़ी है।
- बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वालों के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
- रास्ता संकरा और मोड़दार है।
यात्रा में साथ रखें ये ज़रूरी चीजें
- मेडिकल सर्टिफिकेट
- 4 पासपोर्ट साइज फोटो
- आधार कार्ड
- RFID कार्ड
- ट्रैवल फॉर्म
- ऊनी कपड़े, रेनकोट, ट्रैकिंग स्टिक
- पानी की बोतल और ज़रूरी दवाइयां
तैयारी कैसी होनी चाहिए?
- हर दिन 4-5 किलोमीटर चलने की आदत डालें
- प्राणायाम और हल्की एक्सरसाइज करें
