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Diwali Meerut: दीवाली पर नहीं माने मेरठ वाले, जमकर फोडे़ पटाखे वातावरण हुआ धुंआ-धुंआ

Diwali Meerut

मेरठसुप्रीम कोर्ट और प्रशासन की तमाम कोशिशें दीवाली पर नाकाफी साबित हुईं। सजा, जुर्माना और कानून का डर कुछ भी काम नहीं आया। तमाम सख्ती के बावजूद मेरठ वासियों ने जमकर आतिशबाजी की। दीवाली की शाम 5 बजे से पूरे मेरठ में पटाखों की आवाज सुनाई देने लगी थी। करीब 10 बजे तक मेरठ के आसमान में सिर्फ धुआं-धुआं दिख रहा था। जिसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक भी काफी प्रभावित हुआ। हालात ये हुए कि रात में 11 बजे मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंच गया।

मेरठ में पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद शाम 5 बजे से आतिशबाजी शुरू हो गई। मेरठ के हर कोने से पटाखे फोड़ने की आवाज सुनी जाने लगीं। कानफोड़ू पटाखों की आवाज खूब आ रही थी। वहीं आसमान रॉकेट से गुलजार नजर आ रहा था। दिवाली के मौके पर मेरठ के कई इलाकों से छुटपुट आग की खबरें भी आईं।

कुछ ऐसा ही हाल दिल्ली और एनसीआर के अन्य जिलों का भी रहा। दिल्ली में तो दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि दिवाली पर पटाखे फोड़ने पर छह महीने की जेल और 200 रुपये का जुर्माना लगेगा। आतिशबाजी को रोकने के लिए टीमें गठित की थीं। लेकिन इसका असर देखने को नहीं मिला। दिवाली की पूरी रात मेरठ एनसीआर में धमाके होते रहे।

दिवाली के दिन लोग बेफिक्र नजर आ रहे थे। ध्यान रहे कि दिवाली पर पटाखे छोड़ने की अपनी पुरानी परंपरा है। लेकिन, पिछले कुछ सालों से बढ़ते प्रदूषण के कारण एनसीआर में दिवाली पर आतिशबाजी पर बैन लगा हुआ है। गौरतलब है कि मेरठ में पहले प्रतिकूल मौसम की वजह से दिवाली से एक दिन पहले ही हवा खराब श्रेणी में है। आतिशबाजी को देखते हुए आशंका जताई जा रही थी कि दिवाली के अगले दिन हवा की गंभीर स्तर पर पहुंच सकती है। जो कि सही साबित हुई है।

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