वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना छठा और मौजूदा केंद्र सरकार का अंतिम बजट इस समय पेश कर रही हैं. अपने बजट भाषण की शुरुआत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश की जनता भविष्य की तरफ देख रही है. वो बहुत आशान्वित है और देश पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि जब प्रधानमत्री मोदी ने 2014 में काम शुरू किया तब देश में बहुत ज्यादा चुनौतियां थीं. हमारी सरकार ने जनता को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर दिए हैं. देश में एक नयी उम्मीद जगी है. वितता मंत्री ने कहा कि जनता ने हमें दूसरी बार सरकार में और हमने व्यापक विकास की बात की. सबका साथ, सबका विश्वास और सबके प्रयास के मंत्र के साथ आगे बढ़े.
सीतारमण ने कहा कि हर घर जल, सभी के बिजली, गैस, वित्तीय सेवाएं और बैंक अकाउंट खोलने के लिए काम किया है. हमने अनाज की चिंताओं को दूर किया और 80 करोड़ लोगों को निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया है. मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा किया जिससे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ी है. वितता मंत्री ने उम्मीद जताई कि देश 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा. उन्होंने कहा कि हमने भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को खत्म किया है.
बता दें कि इस बजट में तीन-महीने तक खर्च होने वाली राशि का लेखा-जोखा है. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट की बैठक में कहा कि यह बजट सबके लिए अच्छा होगा. जानकारों का कहना है कि चूंकि कुछ महीने में आम चुनाव होने हैं इसलिए कमज़ोर कृषि क्षेत्र के लिए कुछ बड़े कदम उठाए जा सकते हैं. इसमें मनरेगा की राशि आवंटन बढ़ाना भी शामिल है. पीएम किसान सम्मान निधि भी बढ़ाकर 8 हजार रुपए की जा सकती है, साथ ही स्टैंटर्ड डिडक्शन भी एक लाख रुपए तक हो सकता है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस बजट में खासतौर पर किसानों, युवाओं, महिलाओं और कम आमदनी वालों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. मनरेगा आवंटन से लेकर पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने का भी ऐलान हो सकता है. नौकरीपेशा वर्ग के लिए इनकम टैक्स में स्टैंटर्ड डिडक्शन बढ़ाने और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में बीमा कवरेज भी बढ़ाने की घोषणा हो सकती है.